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धनबाद में इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा व चुनौतियों पर राष्ट्रीय मंथन

खनन सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) की ओर से सोमवार को क्षेत्र के लिए बैटरियां-चुनौतियां व आगे की राह विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया
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Dhabad : खनन सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) की ओर से सोमवार को क्षेत्र के लिए बैटरियां-चुनौतियां व आगे की राह विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. संगोष्ठी में खनन क्षेत्र में बैटरी से संचालित उपकरणों और इलेक्ट्रिक वाहनों के सुरक्षित इस्तेमाल से जुड़ी तकनीकी, परिचालन और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर विशेषज्ञों ने विस्तार से मंथन किया.

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने खनन क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी आधारित उपकरणों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर जोर दिया ताकि डीजल आधारित मशीनों और वाहनों पर निर्भरता कम की जा सके. साथ ही बैटरी तकनीक के विकास के साथ सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई.

 

संगोष्ठी की अध्यक्षता DGMS के महानिदेशक उज्ज्वल ताह ने की.कार्यक्रम के मुख्य अतिथि IIT-ISM धनबाद के निदेशक प्रोफेसर सुकुमार मिश्रा रहे.वहीं IIEST शिबपुर के निदेशक प्रोफेसर वी.एम.एस.आर. मूर्ति और CSIR-CIMFR धनबाद के निदेशक प्रोफेसर अरविंद कुमार मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए.कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और राष्ट्रीय गीत के साथ हुई.

 

32 तकनीकी शोध पत्र हुए प्राप्त

राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान खनन उद्योग में बैटरी चालित उपकरणों और इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़ी तकनीक, परिचालन और सुरक्षा चुनौतियों पर तकनीकी प्रस्तुतियां दी गईं. आयोजन के लिए कुल 32 तकनीकी शोध पत्र प्राप्त हुए जिनमें से 28 शोध पत्र BMS-2026 स्मारिका में प्रकाशित किए गए. देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे बैटरी निर्माताओं की ओर से भी 14 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए.

 

विशेषज्ञों ने कहा कि खनन क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों और बैटरी आधारित उपकरणों का उपयोग बढ़ने से डीजल पर निर्भरता कम करने के साथ आधुनिक और अपेक्षाकृत स्वच्छ तकनीक को बढ़ावा मिलेगा.हालांकि इसके लिए बैटरी की विश्वसनीयता, चार्जिंग व्यवस्था, आग और सुरक्षा जोखिम तथा संचालन से जुड़े मानकों को मजबूत करना जरूरी है.

 

सेवानिवृत्त DGMS अधिकारियों और WCL रेस्क्यू टीम का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान DGMS के सेवानिवृत्त अधिकारियों और पदाधिकारियों को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया. इसके अलावा WCL की रेस्क्यू टीम को उत्कृष्ट कार्यकुशलता के लिए सम्मानित किया गया. टीम की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उपस्थित लोगों ने खड़े होकर तालियों के साथ स्टैंडिंग ओवेशन दिया.

 

संगोष्ठी में इस बात पर जोर दिया गया कि भविष्य में खनन क्षेत्र को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर बनाने में बैटरी तकनीक और इलेक्ट्रिक वाहनों की अहम भूमिका होगी.इसके लिए तकनीकी नवाचार के साथ सुरक्षा मानकों और प्रशिक्षण को भी प्राथमिकता देने की जरूरत है.

 

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