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RU पहुंचे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष पर्यवेक्षक, मानवाधिकार व लैंगिक समानता पर दिए सुझाव

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली के विशेष पर्यवेक्षक प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने बुधवार को रांची विश्वविद्यालय का भ्रमण किया. इस दौरान उन्होंने रांची वीमेंस कॉलेज सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया और छात्रों व शिक्षकों से मुलाकात की.
 

Ranchi : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली के विशेष पर्यवेक्षक प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने बुधवार को रांची विश्वविद्यालय का भ्रमण किया. इस दौरान उन्होंने रांची वीमेंस कॉलेज सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया और छात्रों व शिक्षकों से मुलाकात की.

 

भ्रमण के उपरांत शहीद चौक स्थित कुलपति कॉन्फ्रेंस हॉल में कुलपति प्रो. सरोज शर्मा एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में प्रो. त्रिपाठी ने मानवाधिकार एवं लैंगिक समानता से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की.

 

इस अवसर पर कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने उन्हें पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया, जबकि रजिस्ट्रार डॉ. गुरुचरण साहू ने उनका औपचारिक परिचय कराया. डॉ. स्मृति सिंह ने विश्वविद्यालय में संचालित मानवाधिकार एवं लैंगिक समानता से संबंधित विभागों व समितियों की जानकारी प्रस्तुत की.

 

बैठक में कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में 75 प्रतिशत छात्राएं हैं और स्वर्ण पदक प्राप्त करने में भी वे अग्रणी हैं. साथ ही उन्होंने परिसर में उपलब्ध सुविधाओं जैसे स्वच्छता, एंबुलेंस, लाइब्रेरी, सैनिटेशन, वेंडिंग मशीन, कॉमन रूम, टीवी और खेल सुविधाओं की जानकारी दी.

 

प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय में मानवाधिकार से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए. उन्होंने सभी कॉलेजों में मानवाधिकार सेल व क्लब के गठन, मानवाधिकार विषय पर सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने, डॉ. हंसा मेहता जैसी महान हस्तियों के बारे में छात्रों को जागरूक करने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और नियमित रूप से वर्कशॉप एवं सेमिनार आयोजित करने पर जोर दिया.

 

इसके अलावा, उन्होंने मानवाधिकार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले छात्रों को सम्मानित करने तथा 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुके छात्रों को पुनः शिक्षा से जोड़ने की पहल करने की बात कही.

 

वेलनेस सेंटर की जानकारी मिलने पर प्रो. त्रिपाठी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसमें आयुर्वेद और होम्योपैथी चिकित्सकों की सेवाएं भी जोड़ने का सुझाव दिया.

 

कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने उनके सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय इन पर गंभीरता से अमल करेगा. उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य में मानवाधिकार के प्रति सजग रहना अत्यंत आवश्यक है और विश्वविद्यालय इस दिशा में निरंतर कार्य करेगा.

 

बैठक के बाद प्रो. त्रिपाठी ने टीआरएल विभाग, आईक्यूएसी तथा पीजी बॉटनी विभाग का भी भ्रमण किया और पृथ्वी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किए. अंत में उन्होंने रांची विश्वविद्यालय को एक प्रतिष्ठित संस्थान बताते हुए कुलपति के नेतृत्व की सराहना की.

 

कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश कुमार साहू ने किया. बैठक में विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे.

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