जान गंवाने वाले जवानों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं. भारतीय वायुसेना ने दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दिए हैं.
भारतीय वायुसेना ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है. आईएएफ ने अपने पोस्ट में लिखा है कि भारतीय वायु सेना को असम के जोरहाट में हुए प्लैन क्रैश में पांच जवानों के खोने का गहरा दुख है.
लिखा कि स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया है. IAF शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है और दुख की इस घड़ी में मजबूती से उनके साथ खड़ी है.
AN-32 एक मालवाहक और परिवहन विमान है, जिसका उपयोग भारतीय वायु सेना सैनिकों, उपकरणों और जरूरी सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए करती है. यह विमान खासतौर पर उत्तर-पूर्वी राज्यों और सीमावर्ती इलाकों जैसे कठिन क्षेत्रों में काम आता है.
सोवियत डिजाइन पर आधारित इस दो इंजन वाले टर्बोप्रॉप विमान को कठिन मौसम और ऊंचाई वाले इलाकों में बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार किया गया है. यह एक बार में लगभग 7.5 टन सामान, 50 यात्रियों या 42 पैराट्रूपर्स को ले जा सकता है.
बता दें कि इससे पहले 5 मार्च को जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन से एक दो-सीटर लड़ाकू विमान नियमित उड़ान पर रवाना हुआ था. शाम करीब 7:42 बजे उसका ग्राउंड कंट्रोल से संपर्क टूट गया था, जिसके बाद विमान का पता नहीं चल सका था.
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