Ranchi : महाराष्ट्र के ठाणे से गिरफ्तार माओवादी संजय यादव उर्फ गोदराम 13 लाख रुपये का इनामी नक्सली है. झारखंड में उस पर 10 लाख रुपये और बिहार में तीन लाख रुपये का इनाम घोषित था. संजय यादव प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन का जोनल कमेटी सदस्य (ZCM) है और पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र स्थित देवगन (तिलहड़वा) गांव का रहने वाला है.
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पुलिस के अनुसार, संजय यादव झारखंड और बिहार के कुल 53 मामलों में वांटेड था. इनमें पलामू के 23, बिहार के औरंगाबाद के 20 और गया जिले के 10 मामले शामिल हैं. उसके खिलाफ हत्या, पुलिस पर हमला, लेवी वसूली, विस्फोट, आगजनी और हथियार एवं विस्फोटक रखने जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं.
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, संजय गोदराम का नाम कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है. 25-26 अप्रैल 2019 की रात हरिहरगंज बाजार स्थित हीरा कॉम्प्लेक्स में बने भाजपा के चुनाव कार्यालय को विस्फोट कर उड़ाने और तुरी गांव के पास बटाने नदी पर बन रहे पुल के निर्माण में लगी मशीनों और अस्थायी शेड में आग लगाने की घटना में उसे आरोपी बनाया गया था. इस मामले में हरिहरगंज थाना में कांड संख्या 37/2019 दर्ज है.
23 नवंबर 2019 को पीपरा बाजार में हुई गोलीबारी में झामुमो के प्रखंड अध्यक्ष मोहन कुमार गुप्ता समेत दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य घायल हुए थे. इस घटना में भी संजय यादव आरोपित है. इसके अलावा 2023 में क्रेशर और ईंट-भट्ठा संचालकों से लेवी वसूली तथा सड़क निर्माण कार्य में लगे वाहनों में आगजनी के मामलों में भी उसका नाम सामने आया था.
जुलाई 2023 में पीपरा-छतरपुर मुख्य सड़क पर हारना गांव के पास पुलिस को निशाना बनाने के उद्देश्य से पुलिया के नीचे केन बम और सिलिंडर बम लगाए गए थे. वहीं, फरवरी 2025 में हुसैनाबाद के दुधिया जंगल में सर्च अभियान के दौरान जमीन में छिपाकर रखा गया करीब 8-9 किलोग्राम का आईईडी बरामद किया गया था.
मई 2025 में पांडू थाना क्षेत्र के बरवाही जंगल में पुलिस और माओवादी दस्ते के बीच मुठभेड़ हुई थी. इन तीनों मामलों में भी संजय यादव आरोपी है. फिलहाल पुलिस उससे हथियारों और गोला-बारूद के छिपाए गए डंप की बरामदगी को लेकर पूछताछ कर रही है. पूछताछ में माओवादी संगठन के नेटवर्क, हथियारों के ठिकानों, सहयोगियों और संगठन की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है.

