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कक्षा 9 गणित के ड्राफ्ट सिलेबस पर NCERT ने दी सफाई, कहा - कोई भी प्रमुख विषय हटाया नहीं गया

National News: NCERT ने स्पष्ट किया कि पहले जारी किया गया सिलेबस केवल एक ड्राफ्ट था, जिसे शिक्षकों, विद्यार्थियों और लेखकों/शिक्षाविदों से सुझाव लेने के लिए जारी किया गया था. प्राप्त सुझावों के आधार पर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा और अक्टूबर में NCERT/CBSE द्वारा जारी किया जाएगा. कक्षा 9 के गणित के ड्राफ्ट सिलेबस को लेकर NCERT ने कहा कि कोई भी प्रमुख विषय ड्राफ्ट से हटाया नहीं गया है.
 
फाइल फोटो

National News: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9 के गणित के ड्राफ्ट सिलेबस को लेकर उठे सवालों पर स्पष्टीकरण जारी किया है. NCERT ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-स्कूली शिक्षा (NCF-SE) 2023 के अनुसार स्कूल पाठ्यक्रम का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तक में अध्यायों की संख्या के आधार पर विषयों को पढ़ाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में पाठ्यचर्या लक्ष्यों, दक्षताओं और अधिगम परिणामों को विकसित करना है.

 

NCERT ने स्पष्ट किया कि पहले जारी किया गया सिलेबस केवल एक ड्राफ्ट था, जिसे शिक्षकों, विद्यार्थियों और लेखकों/शिक्षाविदों से सुझाव लेने के लिए जारी किया गया था. प्राप्त सुझावों के आधार पर इसे अंतिम रूप दिया जाएगा और अक्टूबर में NCERT/CBSE द्वारा जारी किया जाएगा.

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कक्षा 9 के गणित के ड्राफ्ट सिलेबस को लेकर NCERT ने कहा कि कोई भी प्रमुख विषय ड्राफ्ट से हटाया नहीं गया है. कुछ विषयों को अलग अध्याय के रूप में रखने के बजाय दूसरे अध्यायों में शामिल किया गया है. उदाहरण के तौर पर रेखाओं और कोणों से जुड़े प्रमुख नए विचारों और अनुप्रयोगों को कक्षा 9 के गणित की पुस्तक के अध्याय ‘Propositions and Their Converses’ और ‘Quadrilaterals’ में शामिल किया गया है. NCERT ने बताया कि रेखाओं और कोणों से संबंधित एक पूर्ण अध्याय पहले से कक्षा 6 की ‘Ganita Prakash’ पुस्तक में मौजूद है.

 

इसी तरह यूक्लिडियन ज्यामिति से जुड़े प्रमुख विचारों को भी कक्षा 9 की गणित की पुस्तक के विभिन्न अध्यायों में शामिल किया गया है. इनमें Polygons, circles, parallel and intersecting lines आदि की अवधारणाएं शामिल हैं. NCERT के अनुसार, शिक्षकों और शिक्षाविदों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद पारंपरिक अमूर्त ‘axiom-theorem-proof’ अध्याय को शामिल नहीं करने और विद्यार्थियों को विभिन्न अध्यायों के माध्यम से इन मूल अवधारणाओं और उनके अनुप्रयोगों को समझने का अवसर देने का निर्णय लिया गया.

 

NCERT ने कक्षा 9 में एल्गोरिद्म (Algorithms) से संबंधित अध्याय को शामिल करने के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते महत्व को भी बताया. परिषद के अनुसार, आज के दौर में विद्यार्थियों के लिए एल्गोरिद्म, डेटा स्ट्रक्चर और रनिंग टाइम एफिशिएंसी जैसी अवधारणाओं को गणितीय दृष्टिकोण से समझना महत्वपूर्ण है. NCERT ने कहा कि आधुनिक AI की बुनियाद गणित पर आधारित है और आने वाले वर्षों में कम्प्यूटेशनल थिंकिंग का महत्व और बढ़ेगा. इसी कारण विद्यार्थियों को AI के पीछे मौजूद गणितीय अवधारणाओं को समझने का अवसर देने के लिए कक्षा 9 में एल्गोरिद्म से संबंधित अध्याय को महत्वपूर्ण माना गया.

 

NCERT ने बताया कि गणित और सामाजिक विज्ञान सहित विभिन्न विषयों की नई पाठ्यपुस्तकों को NEP 2020 और NCF-SE 2023 के अनुरूप तैयार किया गया है. इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को पाठ्यचर्या लक्ष्यों, दक्षताओं और अधिगम परिणामों को एकीकृत, अनुभवात्मक और सार्थक तरीके से हासिल करने में सक्षम बनाना है.

 

परिषद ने स्कूलों, शिक्षकों, बोर्डों और अन्य हितधारकों से कक्षा में शिक्षण और मूल्यांकन की योजना बनाते समय दक्षताओं (Competencies) को आधार बनाने की अपील की है. NCERT ने कहा कि केवल सिलेबस में दर्ज अध्यायों की संख्या और पाठ्यपुस्तक में छपे अध्यायों की संख्या का मिलान करके पाठ्यक्रम के कवरेज को लेकर निष्कर्ष निकालना दक्षता-आधारित शिक्षा की मंशा को सही तरीके से नहीं दर्शाता.

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