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नीट छात्रा केस: पटना में महिला कार्यकर्ताओं का विधानसभा मार्च

नीट छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर पटना में माहौल गरमा गया है. AISA व AIPWA की महिला कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को विधानसभा घेराव को लेकर गांधी मैदान से मार्च निकाला.
 

Patna : नीट छात्रा की संदिग्ध मौत को लेकर पटना में माहौल गरमा गया है. AISA व AIPWA की महिला कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को विधानसभा घेराव को लेकर गांधी मैदान से मार्च निकाला.

 

मार्च का उद्देश्य महिलाओं, छात्राओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों के विरोध में सरकार पर दबाव बनाना था. शुरूआत में मार्च शांतिपूर्ण था जो धीरे-धीरे उग्र होता गया.


महिलाएं और छात्राएं हाथ में बैनर और पोस्टर लेकर पटना की सड़कों पर उतरीं. और नारा लगा रही थी. उनका नारा था अबकी बार, JDU की ये सरकार नहीं चलेगी.” यह स्पष्ट रूप से राज्य सरकार के खिलाफ गहरी नाराजगी का संकेत था.

 

मार्च जैसे ही जेपी गोलंबर पहुंचा, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर महिलाओं को रोकने की कोशिश की. इस दौरान महिला कार्यकर्ता पुलिस से उलझ गईं. नारेबाजी तेज हो गई और देखते ही देखते बैरिकेडिंग तोड़ दी गई. इसके बाद महिलाएं डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ गईं, जहां पुलिस ने दोबारा कड़ी घेराबंदी कर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाएं आमने-सामने आ गईं. 


DSP कृष्ण मुरारी वहां पर मौजूद थे और महिलाओं को आगे बढ़ने से रोकने के लिए समझाने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि महिलाएं बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा की ओर बढ़ती रहीं. स्थिति तनावपूर्ण होने के कारण पुलिस ने वाटर कैनन की गाड़ी भी बुलाई.

 

इस मार्च की शुरुआत ‘बेटी बचाओ न्याय यात्रा’ से हुई थी, जिसकी शुरुआत 4 फरवरी को जहानाबाद से की गई थी. यह यात्रा NEET छात्रा के गांव से शुरू होकर नालंदा, नवादा, गया और अरवल से होते हुए सोमवार को पटना में इसका समापन हुआ. जिसके बाद विधानसभा घेराव का ऐलान किया किया.

 

यात्रा का मकसद राज्य में महिलाओं, बच्चियों और छात्राओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा के मामलों पर ध्यान आकर्षित करना और न्याय की मांग करना था.

 

महिलाएं, छात्राएं राज्य में कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर सवाल उठा रहे थे. उन्होंने CBI दांच पर सवाल उठाए. उनके हाथों में बैनर और पोस्टर थे जिनमें लिखा था कि सरकार बलात्कारी संरक्षण में लगी है और महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा नहीं कर रही.

 

इस मार्च के दौरान महिलाओं ने साफ संदेश दिया कि राज्य में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ हो रहे अपराधों पर चुप नहीं बैठा जाएगा. उन्होंने सरकार से न्याय और सुरक्षा की मांग की. मार्च के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव भी देखने को मिला, लेकिन महिलाएं शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा तक पहुंचने का प्रयास करती रहीं.

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