- - पायलट प्रोजेक्ट के लिए चयनित हुए थे तीनों विभाग, फिर भी पिछड़ गए
Ranchi: झारखंड के सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग ने राज्य के तीन प्रमुख विभागों—कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, वित्त विभाग, और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया है. उपसचिव की ओर से जारी पत्र के माध्यम से इन विभागों को ई-ऑफिस (e-File) एप्लिकेशन पर तुरंत सक्रिय होने के निर्देश दिए गए हैं.
डिजिटल गवर्नेंस के लक्ष्य में बाधा
जारी पत्र के अनुसार, राज्य के सभी सरकारी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने की प्रक्रिया चल रही है. इसी क्रम में इन तीन विभागों को 'पायलट' (Pilot) के तौर पर चुना गया था. इनके सफल क्रियान्वयन के आधार पर शेष विभागों में भी इस डिजिटल व्यवस्था का विस्तार किया जाना था. लेकिन समीक्षा में पाया गया कि इन विभागों की ओर से ई-ऑफिस एप्लिकेशन पर सक्रिय रूप से कार्य नहीं किया जा रहा है, जो डिजिटल गवर्नेंस के लक्ष्यों में बाधा बन रहा है.
अधीनस्थ कार्यालयों को भी निर्देश
सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे न केवल अपने स्तर पर, बल्कि अपने अधीनस्थ सभी कार्यालयों में भी ई-ऑफिस का पूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करें. सरकार का उद्देश्य सरकारी फाइलों के निपटारे में पारदर्शिता लाना और कागजी कार्रवाई को कम कर डिजिटल माध्यम से तेजी लाना
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