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हर घर नल का जल योजना में लापरवाही, जहानाबाद-औरंगाबाद के दो कार्यपालक अभियंता निलंबित

बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी पेयजल योजना हर घर नल का जल के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बरतने पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने सख्त कदम उठाया है.
 

Lagatar Desk :  बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी पेयजल योजना हर घर नल का जल के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बरतने पर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने सख्त कदम उठाया है.

 

विभागीय समीक्षा और राज्यव्यापी निरीक्षण के दौरान कार्य निष्पादन में भारी खामियां सामने आने के बाद दो कार्यपालक अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

 

बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत विभाग ने यह कार्रवाई की है. 

 

निलंबित किए गए अधिकारियों में लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, जहानाबाद के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता अमित कुमार (वर्तमान में सासाराम पदस्थ) और लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, औरंगाबाद के कार्यपालक अभियंता मोहम्मद शमी अख्तर शामिल हैं.

 

जहानाबाद प्रमंडल में गंभीर अनियमितताएं

विभागीय जांच में यह पता चला है कि अमित कुमार के कार्यकाल के दौरान जहानाबाद प्रमंडल में जलापूर्ति योजनाओं का संचालन और निगरानी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं रही. 


CGRC पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के न तो समयबद्ध निस्तारण किए गए और न ही शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि सुनिश्चित की गई. कई मामलों में शिकायतों को कागजों पर निष्पादित दिखाया गया, लेकिन फील्ड स्तर पर स्थिति यथावत बनी रही.

 

जांच में यह भी सामने आया कि चापाकलों की मरम्मति, आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल की उपलब्धता, निविदा निष्पादन और विभागीय व जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में सहभागिता को लेकर भी लगातार लापरवाही बरती गई.


विभाग द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों और स्पष्टीकरण के बावजूद कार्यशैली में कोई ठोस सुधार नहीं देखा गया. 


औरंगाबाद प्रमंडल में भुगतान और निविदा प्रक्रिया पर सवाल

वहीं, औरंगाबाद प्रमंडल में कार्यरत मो. शमी अख्तर के कार्यकाल में हर घर नल का जल योजना के तहत अनुरक्षण एवं मरम्मति (O&M) से जुड़े कार्यों के भुगतान में अनावश्यक देरी की गई.  निविदा निष्पादन में प्रक्रियागत अनियमितताएं पाई गईं और कुछ मामलों में वित्तीय अनुशासन का पालन नहीं किया गया. 

 

CGRC पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निष्पादन में बार-बार मामलों के पुनः खुलने (री-ओपन) और भ्रामक अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के कारण योजनाओं के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा. इन सभी तथ्यों को गंभीर मानते हुए विभाग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया.


लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री ने दी सख्त चेतावनी

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह ने कहा कि हर घर नल का जल योजना राज्य सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य हर ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और शुद्ध पेयजल पहुंचाना है.

 

उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा योजनाओं के संचालन, अनुरक्षण और शिकायत निवारण की नियमित समीक्षा की जाती है और जहां भी गंभीर शिथिलता या लापरवाही पाई जाती है, वहां नियमों के तहत कार्रवाई की जाती है.

 

संजय सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कदम अंतिम विकल्प के रूप में उठाया गया है. विभाग का उद्देश्य किसी को दंडित करना नहीं, बल्कि योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है.


इसके बावजूद यदि भविष्य में भी जनहित से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही सामने आती है, तो विभाग और भी कड़ी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा.

 

 

 

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