Lagatar Desk : इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी मौत की अफवाहों पर विराम लगाते हुए खुद सामने आकर स्थिति साफ की है. उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मैं जिंदा हूं और आप सभी इसके गवाह हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेतन्याहू ने यह भी बताया कि अमेरिका और इजरायल, ईरान को लेकर एक मजबूत रणनीति के तहत मिलकर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में दोनों देश “दृढ़ इरादों और ताकत” के साथ आगे बढ़ रहे हैं.
नेतन्याहू ने “ऑपरेशन राइजिंग लायन” का जिक्र करते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य ईरान के मौजूदा शासन से पैदा हो रहे खतरों को खत्म करना है. उनके मुताबिक, यह शासन पिछले कई दशकों से अमेरिका, इजराइल और अपने ही नागरिकों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाता रहा है.

ऑपरेशन राइजिंग लायन के तीन लक्ष्य
इजराइली प्रधानमंत्री ने इस ऑपरेशन के तीन प्रमुख लक्ष्य बताए. पहला, परमाणु खतरे को पूरी तरह समाप्त करना. दूसरा, बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को निष्क्रिय करना, खासकर उन क्षमताओं को जो भूमिगत या हवाई हमलों से सुरक्षित हैं और तीसरा, ईरान के लोगों के लिए ऐसे हालात बनाना, जिससे वे अपनी आजादी को समझ सकें और अपने भविष्य पर खुद नियंत्रण रख सकें.
उन्होंने कहा कि इजराइल लंबे समय से चेतावनी देता रहा है कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम दूर-दराज के लक्ष्यों पर हमले के लिए इस्तेमाल हो सकता है. अगर इसे नहीं रोका गया, तो यह खतरा और बढ़ेगा.
तेल की कीमतें कम होने का किया दावा
नेतन्याहू ने दावा किया कि इस अभियान में इजराइल को बढ़त मिल रही है. उनके अनुसार, ईरान के मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को काफी कमजोर कर दिया गया है और कई अहम परमाणु ढांचे को नुकसान पहुंचाया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की एयर डिफेंस और नौसैनिक क्षमता पर भी असर पड़ा है, हालांकि अभी और कार्रवाई बाकी है.
उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य का जिक्र करते हुए कहा कि इसे खुला रखने के लिए अमेरिका के प्रयास जारी हैं और इजराइल भी इसमें सहयोग कर रहा है. उनके मुताबिक, अगर यह प्रयास सफल होते हैं, तो वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में कमी आ सकती है.
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