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NGT रोक को ठेंगा! राढ़ू नदी में धड़ल्ले से हो रहा बालू का अवैध खनन, थाना प्रभारी ने आरोपों से किया इनकार

Ranchi News :  एनजीटी की रोक के बावजूद राढ़ू नदी के पोगड़ा इलाके में मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर बालू का खनन जारी है. स्थानीय सूत्रों के अनुसार, राढ़ू नदी से प्रतिदिन करीब 30 हजार सीएफटी बालू निकाले जाने का दावा किया जा रहा है. पोगड़ा इलाके में करीब 60 से 70 ट्रैक्टरों के पहुंचने की बात भी सामने आई है.
 
राढ़ू नदी के पोगड़ा इलाके में बालू का अवैध खनन

Ranchi News :  एनजीटी की रोक के बावजूद रांची के आसपास बालू के कथित अवैध कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों का आरोप है कि राढ़ू नदी के पोगड़ा इलाके में मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर बालू का खनन जारी है.

 

जबकि संबंधित थाना प्रभारी का दावा है कि उनके क्षेत्र में बालू खनन नहीं हो रहा है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि नदी में खनन नहीं हो रहा तो फिर बड़ी संख्या में बालू लदे ट्रैक्टर और हाइवा कहां से आ रहे हैं?

 

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मशीनों से बालू का अवैध खनन

 

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, राढ़ू नदी से प्रतिदिन करीब 30 हजार सीएफटी बालू निकाले जाने का दावा किया जा रहा है. पोगड़ा इलाके में करीब 60 से 70 ट्रैक्टरों के पहुंचने की बात भी सामने आई है. बताया जाता है कि मशीनों से नदी की धारा और तट से बालू निकाला जाता है.

 

इसके बाद ट्रैक्टरों के माध्यम से बदालू, पांचू, नवाडीह और पोगड़ा सहित आसपास के इलाकों में बनाए गए डंपिंग स्थलों तक पहुंचाया जाता है. बताया जाता है कि इन स्थानों पर बालू जमा करने के बाद बड़े वाहनों में लोड कर दूसरे इलाकों में भेजा जाता है. 

 

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डंपिंग स्थल पर बालू के ढेर

 

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नदी से बालू ढोते ले जाते ट्रैक्टर

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन और पुलिस की नजरों से बचने के लिए बालू लदे वाहनों को गांवों के अंदरूनी रास्तों से निकाला जाता है. जराडीह होते हुए वाहन रांची-पुरुलिया मार्ग तक पहुंचते हैं. जबकि नवाडीह से बुंडू के रास्ते जमशेदपुर तक बालू भेजे जाने की बात कही जा रही है. कुछ वाहन सिल्ली की ओर भी जाने का दावा किया गया है.

रात के अंधेरे में हाइवा, दिन में डंपिंग का खेल!

ग्रामीणों के मुताबिक, रात के समय हाइवा से बालू रांची की ओर पहुंचाया जाता है. नामकुम, टाटीसिलवे, अनगड़ा और दशमफॉल इलाके से होकर इन वाहनों के गुजरने की बात कही जा रही है. स्थानीय लोगों का दावा है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध कारोबार को बिना किसी के सरंक्षण के चलाना संभव नहीं है. यह भी कहते हैं कि इस अवैध करोबार में स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण के साथ पुलिस की कथित मिलीभगत भी है.

 

राहे थाना क्षेत्र के एक पूर्व बालू कारोबारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर दावा किया कि थाना स्तर पर भी बालू कारोबार को लेकर खुले तौर पर यह कहा जाता है कि “पब्लिक डिलिंग में क्या रखा है, बालू तो चलेगा ही”. इस कथित बयान ने पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल और गंभीर कर दिए हैं.

थाना प्रभारी बोले-खनन नहीं हो रहा

वहीं इस संबंध में जब राहे थाना प्रभारी से पूछा गया तो उन्होंने राढ़ू नदी में अवैध बालू खनन के आरोपों से इनकार किया. उन्होंने कहा कि इस इलाके में बालू का खनन नहीं किया जा रहा है. बालू खनन को लेकर जानकारी मिलते ही कार्रवाई कर दी जाती है.

 

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राढ़ू नदी में धड़ल्ले से हो रहा बालू का अवैध खनन

 

 

 

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