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झारखंड में NHAI का सख्त रुख: अतिक्रमण वाले 20 हॉटस्पॉट की पहचान, जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग

सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने झारखंड में बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है. एनएचएआई ने राज्य के विभिन्न जिलों में 20 ऐसे संवेदनशील स्थानों (हॉटस्पॉट) की पहचान की है, जहां अनाधिकृत पार्किंग और अतिक्रमण के कारण सड़क हादसों का खतरा बना हुआ है.
 
  • फील्ड यूनिट्स को मिला एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के ऑडिट का निर्देश

Ranchi: सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने झारखंड में बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है. एनएचएआई ने राज्य के विभिन्न जिलों में 20 ऐसे संवेदनशील स्थानों (हॉटस्पॉट) की पहचान की है, जहां अनाधिकृत पार्किंग और अतिक्रमण के कारण सड़क हादसों का खतरा बना हुआ है. इन स्थानों पर अक्सर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग और सड़क किनारे व्यावसायिक गतिविधियों के कारण आवागमन बाधित रहता है, जिसे लेकर प्राधिकरण ने अब जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित कर तत्काल अतिक्रमण हटाने का आग्रह किया है.

 

यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की ओर से अप्रैल 2026 में दिए गए निर्देशों के आलोक में की जा रही है, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्गों पर व्यवसायिक वाहनों की अनधिकृत पार्किंग पर प्रतिबंध लगाने और जिला सड़क सुरक्षा टास्क फोर्स को मजबूत करने का आदेश दिया गया था. एनएचएआई की ओर से तैयार की गई सूची के अनुसार, ये 20 हॉटस्पॉट मुख्य रूप से रांची, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, पूर्वी सिंहभूम और दुमका जिलों में फैले हुए हैं. इनमें धनबाद और गिरिडीह के बीच एनएच-19 का हिस्सा, हजारीबाग में बरही चौक, नागवां टोल प्लाजा व इचाक मोड़, रांची में रंगामाटी, इरबा और पिस्का मोड़-पाल्मा मार्ग और जमशेदपुर में बालीगुमा व डिमना क्षेत्र प्रमुख रूप से शामिल हैं.

 

एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि इस कवायद का मुख्य उद्देश्य केवल कानूनी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि राजमार्गों पर यात्रियों और माल ढुलाई के वाहनों की आवाजाही को सुरक्षित और सुगम बनाना है. इन स्थानों पर यातायात जाम और दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए एनएचएआई ने अपने फील्ड यूनिट्स को भी निर्देश दिए हैं कि वे एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) का ऑडिट करें, पेट्रोलिंग बढ़ाएं और एंबुलेंस व रिकवरी वाहनों की तैनाती सुनिश्चित करें.

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