Ranchi : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने रामगढ़ जिले के एक संवेदनशील मामले में कड़ा रुख अपनाया है. आयोग ने एसपी रामगढ़ को निर्देश देते हुए कहा है कि शिकायत में लगाए गए गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच कर चार सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
मामला एक युवती की आत्महत्या से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि उसे एक लंबित आपराधिक मामले (रामगढ़ थाना कांड संख्या 383/2024) में बार-बार पुलिस द्वारा बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. मृतका ने कथित तौर पर अपने सुसाइड नोट में पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
शिकायतकर्ता चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन, रांची ने आयोग को दी गई शिकायत में बताया कि युवती ने पहले भी महिला थाना में ब्लैकमेलिंग, धमकी और उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. साथ ही, परिवार ने भी मीडिया के जरिए पूरे घटनाक्रम को सामने रखा.
आयोग ने 6 अगस्त 2025 को ही मामले का संज्ञान लेते हुए एसपी रामगढ़ को जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक कोई रिपोर्ट नहीं मिलने पर आयोग ने नाराजगी जताई है. आयोग ने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है.
NHRC ने साफ चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई, तो मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 13 के तहत कार्रवाई करते हुए एसपी रामगढ़ की व्यक्तिगत पेशी भी सुनिश्चित की जा सकती है.
आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि रिपोर्ट HRCNet पोर्टल के माध्यम से ही भेजी जाए और 2 मई 2026 तक हर हाल में पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment