Search

निर्मला सीतारमण ने वाशिंगटन में कहा, देश की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार को ध्यान में रखते हुए बनायेंगे बजट, स्टार्टअप, रुपे पर भी बात रखी

Washington : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वाशिंगटन डीसी में कल मंगलवार को कहा कि भारत का अगला वार्षिक बजट बहुत ही ध्यान से कुछ इस तरह से बनाना होगा, जिससे कि देश की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार कायम रहे. उनका कहना था कि इससे मुद्रास्फीति संबंधी चिंताओं से निपटने में भी मदद मिलेगी. वित्त मंत्री ने यहां ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूट में जानेमाने अर्थशास्त्री ईश्वर प्रसाद से संवाद के क्रम में एक सवाल के जवाब में यह बात कही.. उनसे अगले वर्ष के बजट को लेकर सवाल पूछा गया था. इसे भी पढ़ें : एयरटेल-जियो">https://lagatar.in/gautam-adani-ready-to-do-two-hands-with-airtel-jio-got-telecom-license/">एयरटेल-जियो

से दो-दो हाथ करने को तैयार गौतम अडानी, हासिल किया टेलीकॉम लाइसेंस
 

वित्त मंत्री आईएमएफ और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक में भाग लेने  वाशिंगटन डीसी आयीं

जान लें कि वित्त मंत्री अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक में भाग लेने के लिए वाशिंगटन डीसी आयीं हैं. सीतारमण ने कहा, आगामी बजट के बारे में कुछ विशेष बता पाना अभी जल्दबाजी होगा और यह मुश्किल भी है. लेकिन मोटे तौर पर कहें तो वृद्धि की प्राथमिकताएं सबसे ऊपर रहेंगी. मुद्रास्फीति की चिंताओं से भी निपटना होगा. लेकिन फिर सवाल उठेगा कि आप वृद्धि को किस प्रकार बरकरार रखेंगे. फरवरी में पेश किये जाने वाले बजट के लिए तैयारियां दिसंबर से शुरू हो जाती हैं. इस क्रम में उन्होंने कहा, यही तो देखना है कि इनके बीच संतुलन कैसे बनाया जाये, यह सुनिश्चित किया जाये कि महामारी से उबरकर भारतीय अर्थव्यवस्था ने जो गति पायी है वह अगले साल भी कायम रहे. वित्त मंत्री ने कहा, इसलिए इस बजट को बहुत ही ध्यानपूर्वक कुछ इस तरह बनाना होगा कि वृद्धि की गति बरकरार रह सके. इसे भी पढ़ें : केरल">https://lagatar.in/kerala-cm-vijayan-and-tamil-nadu-cm-stalin-appeal-to-pm-modi-no-efforts-should-be-made-to-impose-hindi-on-us/">केरल

के CM विजयन और तमिलनाडु के सीएम स्टालिन की पीएम मोदी से अपील, हम पर हिंदी थोपने के प्रयास न किये जायें

सरकारी नीतियों की वजह से अनुकूल माहौल बना है

एक सवाल के जवाब में सीतारमण ने कहा कि सरकार ऐसे स्टार्टअप से बात करने के लिए तैयार है जो देश से जाने पर विचार कर रहे हैं और उनके मुद्दों का समाधान इस तरह निकालने का प्रयास करेगी, जिससे कि उन्हें देश में ही अपना आधार बनाये रखने में मदद मिले. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं स्टार्टअप से संवाद किया है. सरकारी नीतियों की वजह से अनुकूल माहौल बना है जिसके परिणामस्वरूप आज भारत में 100 से अधिक यूनिकॉर्न हैं. इसे भी पढ़ें : रोलआउट">https://lagatar.in/even-after-rollout-5g-network-is-not-available-in-the-smartphone-the-government-called-an-emergency-meeting/">रोलआउट

के बाद भी स्मार्टफोन में नहीं मिल रहा 5G नेटवर्क, सरकार ने जतायी नाराजगी, बुलाई आपात बैठक

एक साल में यूनिकॉर्न की संख्या 100 पर पहुंच गयी

वित्त मंत्री ने कहा, ‘मैंने प्रधानमंत्री और स्टार्टअप के बीच संवाद करवाया है, यह पता लगाने के लिए कि वे भारत से क्या चाहते हैं. हमने उनकी चिंताओं का समाधान करने का अधिकाधिक प्रयास किया है. यही वजह है कि 2020 से 2021 के बीच, महज एक साल में यूनिकॉर्न की संख्या 100 पर पहुंच गयी है. उन्होंने कहा, मैंने दूसरों से सुना है कि वे (स्टार्टअप) सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात जा रहे हैं. अगर वे भारत सरकार से बात करना करना चाहते हैं और यह कहना चाहते हैं कि अगर सरकार उनकी मांगों पर ध्यान देती है, तो वे खुशी-खुशी यहां रहेंगे, तो जो भी संभव होगा हम करेंगे.

भारत विभिन्न देशों से रुपे को उनके यहां स्वीकार्य बनाने के लिए बात कर रहा है

निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत विभिन्न देशों से रुपे को उनके यहां स्वीकार्य बनाने के लिए बात कर रहा है. सीतारमण ने यहां ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूट में कहा कि इसके अलावा यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस), भीम ऐप और एनसीपीआई (भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम) पर इस तरह से काम किया जा रहा है ताकि उनके देशों में उनकी जो प्रणालियां हैं वे हमारी प्रणालियों के साथ मिलकर काम कर सकें. अमेरिका में यूपीआई शुरू करने संबंधी एक छात्र के सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ने कहा, हम कई देशों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. छात्र ने कहा था कि उसे भारत की यूपीआई प्रणाली पर गर्व है और पूछा था कि इसे दुनिया के साथ साझा करने की योजनाएं क्या हैं. सीतारमण ने कहा, हमारी कई देशों से बातचीत चल रही है. सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात रुपे को अपने देश में स्वीकार्य बनाने के लिए आगे आ चुके हैं [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp