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UNGA में निशिकांत दुबे ने पाक की लगाई क्लास, कहा-खुद को आईने में देखे, भाषण देना बंद करें...

भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने अफगानिस्तान और भारत में स्कूलों और छात्रों को निशाना बनाकर हमले करके संयुक्त राष्ट्र के बाल एवं सशस्त्र संघर्ष एजेंडे का उल्लंघन करने के लिए पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की है.
 
  • भाजपा सांसद ने बाल अधिकारों के उल्लंघन के लिए पाकिस्तान की आलोचना की
  • पाकिस्तान को बच्चों के अधिकारों का सबसे बड़ा उल्लंघनकर्ता बताया

New Delhi :   भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने अफगानिस्तान और भारत में स्कूलों और छात्रों को निशाना बनाकर हमले करके संयुक्त राष्ट्र के बाल एवं सशस्त्र संघर्ष एजेंडे का उल्लंघन करने के लिए पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की है.

 

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में बाल अधिकारों के संवर्धन और संरक्षण पर आयोजित सत्र में भाजपा सांसद ने पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र के 'बाल एवं सशस्त्र संघर्ष (CAAC)' एजेंडे का सबसे गंभीर उल्लंघनकर्ता बताया है.

 

उन्होंने 2025 में जारी महासचिव की रिपोर्ट का हवाला देते हुए पाकिस्तान के भीतर बच्चों के साथ हो रहे दुर्व्यवहारों और सीमा पार आतंकवाद की आड़ में की जा रही गतिविधियों की भी कड़ी निंदा की.

 

ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमले का किया जिक्र

भाजपा सांसद ने 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय यह नहीं भूला है कि पाकिस्तान द्वारा प्रशिक्षित आतंकवादियों ने 26 निर्दोष नागरिकों की जान ली थी.

भारत ने आत्मरक्षा के अपने अधिकार का प्रयोग कर मई 2025 में नौ आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि इसके जवाब में पाकिस्तान ने जानबूझकर भारतीय सीमावर्ती गांवों को निशाना बनाया, जिनमें कई मासूम बच्चों सहित नागरिकों की जान गई.

 

पाकिस्तान आईना देखे, उपदेश न दे

दुबे ने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पाकिस्तान को खुद को आईने में देखने की जरूरत है. वह उपदेश देना बंद करे और पहले अपने देश में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. उन्होंने पाकिस्तान को सीमाओं के पार महिलाओं और बच्चों को निशाना बनाना बंद करने की चेतावनी दी.

भारत की उपलब्धियां भी गिनाईं

निशिकांत दुबे ने बाल अधिकारों की रक्षा के लिए भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को भी रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि बाल हेल्पलाइन, बाल तस्करी के खिलाफ सख्त कानून और शिक्षा, पोषणसंरक्षण योजनाओं के जरिए भारत बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने इन प्रयासों को मान्यता देने के लिए संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों का आभार भी प्रकट किया.

 

 

 

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