Patna : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. साल 2026 में नीतीश सरकार की यह पहली कैबिनेट बैठक हुई. सीएम नीतीश कुमार ने मंत्रियों के साथ बैठक की. इस बैठक में सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा व अन्य मौजूद रहे. बैठक में मुख्यमंत्री ने 41 प्रस्ताव पर स्वीकृति दी.
उन्होंने कृषि जल संसाधन विभाग, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, शिक्षा विभाग, विधि विभाग समेत कई विभाग में नए पदों के सृजन के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है.
बैठक में गया में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) परियोजना को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के लिए 220 केवी डीसी ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण को मंजूरी दी गई है. इस योजना पर करीब 33.29 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
झारखंड के साथ सोन नदी के जल बंटवारे को लेकर एमओयू के लिए कैबिनेट में स्वीकृति मिली. 7.75 मिलियन एकड़ फीट जल में से 5. 75 मिलियन एकड़ फीट बिहार को और 2 मिलियन एकड़ फीट झारखंड को पानी मिलेगा.
वहीं, दरभंगा एयरपोर्ट के पास लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब के निर्माण के लिए चिन्हित 50.0004 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को भी प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. इसके लिए 138.82 करोड़ रुपये की राशि तय की गई है. इसके अलावा, उच्च न्यायालय, पटना के लिए कोर्ट मैनेजर के पदों की स्वीकृति सहित कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है.
कैबिनेट की बैठक में बिहार के विकास और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई. अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए बिहार राज्य आकस्मिकता निधि से 30 करोड़ रुपये का अग्रिम देने को मंजूरी दी गई है.
वहीं, पटना उच्च न्यायालय में चार विधि सहायकों के नए पद सृजित करने और 45 विधि लिपिकों का पदनाम बदलकर विधि सहायक करने का निर्णय लिया गया. तकनीकी शिक्षा को मजबूती देते हुए बगहा स्थित नए राजकीय पॉलिटेक्निक के लिए 106 पदों के सृजन को हरी झंडी दी गई.
जेलों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए राज्य की 53 काराओं में 9,073 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने और 8 काराओं में पुराने सिस्टम के एकीकरण को मंजूरी दी गई, जिस पर करीब 155 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
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