Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने दुग्धा थाना क्षेत्र के न्यू बीसीसीएल कॉलोनी, बोकारो से 3 वर्षों से लापता युवक रितेश कुमार साव के मामले की सुनवाई की. मामले में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की कोर्ट ने अनुसंधानकर्ता (आईओ) को जांच और अधिक गंभीरता से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया. कोर्ट ने राज्य सरकार से जांच की प्रगति पर शपथपत्र दाखिल करने को भी कहा है.
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सुनवाई के दौरान कोर्ट के पिछले आदेश के अनुपालन में अनुसंधानकर्ता अदालत में सशरीर हाजिर हुए. उनकी ओर से कोर्ट को बताया गया कि याचिकाकर्ता (युवक के पिता) के दावे की जांच के लिए इंस्टाग्राम से रिपोर्ट प्राप्त की गई थी कि उनके पुत्र का इंस्टाग्राम अकाउंट 29 जुलाई 2025 तक सक्रिय था.
हालांकि रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि युवक के लापता होने के बाद उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर कोई गतिविधि दर्ज नहीं हुई. आईओ ने यह भी बताया कि युवक की तलाश के लिए सभी संभावित पहलुओं पर जांच की गई है, लेकिन अब तक ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है जिससे उसकी बरामदगी हो सके. उन्होंने कोर्ट को आश्वस्त किया कि वर्ष 2023 में दर्ज प्राथमिकी के बावजूद 3 वर्ष बीत जाने पर भी युवक का पता नहीं चल पाने के कारण अब मामले की जांच और अधिक गंभीरता से की जाएगी.
केस डायरी का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने माना कि अनुसंधानकर्ता ने अब तक युवक की तलाश के लिए प्रयास किए हैं. हालांकि, आईओ द्वारा जांच को और तेज करने के आश्वासन को देखते हुए कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त निर्धारित की. कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि अगली तिथि तक जांच में हुई प्रगति का विस्तृत शपथपत्र दाखिल करे.
कोर्ट ने फिलहाल आईओ की व्यक्तिगत उपस्थिति से भी छूट प्रदान की. यहां बता दें कि रितेश कुमार के लापता होने को लेकर युवक के पिता संतोष साव ने बोकारो के दुग्धा थाना कांड संख्या 58/2023 दर्ज किया गया था. उनकी ओर से दर्ज प्राथमिकी में कहा गया था कि उनका पुत्र 21 जून 2023 को शाम 5 बजे घर से निकला था, लेकिन उसके बाद वह घर नहीं लौटा.
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