New Delhi: भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और यूनेस्को ने ‘सहिष्णुता और अहिंसा को बढ़ावा देने के लिए 2026 यूनेस्को-मदनजीत सिंह पुरस्कार’ के लिए नामांकन आमंत्रित किए हैं.यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार उन व्यक्तियों और संस्थाओं को दिया जाता है जिन्होंने विज्ञान, कला, संस्कृति या संचार के क्षेत्र में सहिष्णुता और अहिंसा को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान दिया हो.
इस पुरस्कार के विजेता को 100,000 अमेरिकी डॉलर की राशि प्रदान की जाती है, जिसे मदनजीत सिंह फाउंडेशन द्वारा वित्त पोषित किया जाता है.इस पुरस्कार की स्थापना वर्ष 1995 में संयुक्त राष्ट्र के सहिष्णुता वर्ष और महात्मा गांधी की 125वीं जयंती के अवसर पर की गई थी. यह सम्मान हर दो वर्ष में एक बार प्रदान किया जाता है.
महत्वपूर्ण तिथियां
नामांकन जमा करने की अंतिम तिथि 19 जून निर्धारित की गई है. वहीं भारत के माध्यम से भेजे जाने वाले नामांकन को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में 19 मई तक जमा करना आवश्यक है, ताकि आगे की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके.
पात्रता नियम
पुरस्कार के लिए ऐसे व्यक्तियों या संस्थाओं को नामित किया जाना चाहिए, जिन्होंने सहिष्णुता और अहिंसा के क्षेत्र में असाधारण नेतृत्व और योगदान दिया हो. नियमों के अनुसार स्वयं नामांकन (Self-nomination) की अनुमति नहीं है. सदस्य देश अधिकतम दो नामांकन प्रस्तुत कर सकते हैं.अधिक जानकारी और आवेदन फॉर्म यूनेस्को की आधिकारिक वेबसाइट http://www.unesco.org/shs/toleranceprize पर उपलब्ध है.
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