Ranchi: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) का आयोजन नहीं किए जाने को लेकर आजसू पार्टी प्रमुख सुदेश महतो ने सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) का आयोजन नहीं किए जाने के कारण राज्य के शैक्षणिक वातावरण पर गंभीर असर पड़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो रही है और युवाओं के सपने टूट रहे हैं.
महतो ने कहा कि झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 31 मार्च तक जेटेट आयोजित कराने का आदेश दिया है. इसके बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य सरकार कोर्ट की फटकार के बाद ही सक्रिय होती है. सरकार को शीघ्र जेटेट आयोजित कर युवाओं को राहत देनी चाहिए.
उन्होंने ने कहा कि, एनडीए सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2016 में जेटेट का आयोजन किया गया था, लेकिन उसके बाद से अब तक हेमंत सरकार एक भी जेटेट परीक्षा आयोजित नहीं कर पाई है. वर्ष 2024 में जारी जेटेट का विज्ञापन भी पिछले वर्ष रद्द कर दिया गया, जिसमें लगभग साढ़े तीन लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था.
सुदेश महतो ने बताया कि राज्य में पिछले 10 वर्षों से जेटेट नहीं होने के कारण लगभग 6000 विद्यालय केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है.
उन्होंने यह भी कहा कि अब तक नई नियमावली को कैबिनेट से स्वीकृति नहीं मिली है, जिससे 31 मार्च तक जेटेट आयोजित होने पर संदेह बना हुआ है. नई नियमावली स्वीकृत होने के बाद सरकार को पुनः विज्ञापन जारी करना होगा. आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी और उसके बाद ही परीक्षा संभव हो पाएगी.
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