- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निगम की कार्रवाई
Ranchi News : नगर निगम की नगर निवेश शाखा ने मंगलवार को 20 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को नोटिस जारी किया. इन संस्थानों के भवन की वैधता, स्वीकृत नक्शा, भवन के उपयोग, ट्रेड लाइसेंस, आवश्यक अनुमतियों और अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी. नगर निगम की यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आलोक में की जा रही है.
निगम के अनुसार स्वीकृत भवन मानचित्र के विपरीत या बिना जरूरी अनुमति के किया गया निर्माण अनधिकृत माना जाएगा. केवल समय बीत जाने से अवैध निर्माण वैध नहीं हो जाता. ऐसे भवनों में व्यवसाय या ट्रेड की अनुमति अथवा लाइसेंस नहीं दिया जाना चाहिए.
आवासीय भवन में कोचिंग चलाने पर भी होगी जांच
नगर निगम के अधिकारियियों ने कहा कि जिन भवनों में स्वीकृत उपयोग आवासीय है, लेकिन वहां व्यावसायिक गतिविधि के रूप में कोचिंग संस्थान या अन्य कारोबार संचालित हो रहा है, उनकी भी जांच होगी. भवन के स्वीकृत उपयोग और लागू नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी.
फायर एग्जिट और NOC भी जांच के दायरे में
बड़ी संख्या में विद्यार्थियों वाले कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी निगम सख्त है. जांच के दौरान फायर एग्जिट, आवश्यक सुरक्षा उपकरण और वैध फायर NOC समेत अन्य निर्धारित मानकों की जांच की जाएगी. सुरक्षा व्यवस्था में कमी मिलने पर संबंधित संस्था और भवन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
जानें किन संस्थानों को मिला नोटिस
नोटिस पाने वालों में लालपुर स्थित हरिओम टावर के न्यूटन ट्यूटोरियल, समर्थ एकेडमी और FIITJEE, ली डिजायर कॉम्प्लेक्स के विजन IAS, इटरनल करियर क्लासेस, CAD डिजाइन स्कूल, स्काई टेक एविएशन, मेंटर्स एडुसर्व, KD लाइब्रेरी और भंवर राठौड़ डिजाइन स्टूडियो शामिल हैं.
इसके अलावा ईस्ट जेल रोड स्थित VMS लाइब्रेरी, प्रेरणा इंस्टीट्यूट, इनसाइट लाइब्रेरी, प्रसाद एंड विनायका लाइब्रेरी, मेटा विजन एकेडमी, परफेक्ट ट्यूटोरियल, एक्सल N.C. IAS, किरण एकेडमी, एग्जाम फाइटर तथा धुर्वापखना/धड़पखना क्षेत्र और सर्कुलर रोड स्थित भविष्य भारती को भी नोटिस जारी किया गया है.
दस्तावेजों की होगी जांच
नोटिस के बाद संबंधित संस्थानों से भवन और संस्थान से जुड़े आवश्यक दस्तावेज मांगे जाएंगे. इनमें स्वीकृत भवन मानचित्र, भवन के अनुमोदित उपयोग, ट्रेड लाइसेंस, अन्य जरूरी लाइसेंस एवं अनुमतियां, फायर NOC और सुरक्षा से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं.
नियम नहीं माने तो सीलिंग
नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जांच में भवन या संस्थान का संचालन नियमों के विपरीत पाए जाने और निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के बावजूद कमी दूर नहीं करने पर सीलिंग समेत अन्य कार्रवाई की जाएगी.
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