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अब हर खर्च पर पैनी नजर, धनबाद में वित्तीय अनुशासन पर लगाम, बिल क्लर्कों के तबादले के निर्देश

जिले में वित्तीय पारदर्शिता और अनुशासन को लेकर अब प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है. उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि वित्त विभाग और झारखंड कोषागार संहिता-2016 के नियमों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए अन्यथा कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें.
 

Dhanbad: जिले में वित्तीय पारदर्शिता और अनुशासन को लेकर अब प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है. उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि वित्त विभाग और झारखंड कोषागार संहिता-2016 के नियमों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए अन्यथा कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें. 


शुक्रवार को न्यू टाउन हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले के सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (डीडीओ) को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि अब किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही जिला स्तरीय टीम द्वारा सभी सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया जाएगा.

 

हर भुगतान की होगी जांच, सर्विस बुक से होगा मिलान

निरीक्षण के दौरान पिछले वर्षों में किए गए भुगतान, उनकी प्रक्रिया, कर्मचारियों के सर्विस बुक, जन्म तिथि और बैंक खातों का मिलान किया जाएगा. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर संबंधित डीडीओ सीधे जिम्मेदार होंगे.

 

HRMS और PFMS पर विशेष फोकस

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी नियमित कर्मचारियों का डेटा HRMS पोर्टल पर अपडेट होना अनिवार्य है. साथ ही PFMS (Public Financial Management System) के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित किया जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे और फर्जी भुगतान की संभावना खत्म हो.

 

3 साल से जमे बिल क्लर्कों का होगा तबादला

बैठक में एक बड़ा फैसला लेते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जो बिल क्लर्क किसी एक ही विभाग में तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से बदल दिया जाए. इसे वित्तीय अनियमितताओं पर रोक लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.


निजी खाते में सरकारी राशि जमा करने पर सख्त रोक

उपायुक्त ने सख्ती से कहा कि किसी भी स्थिति में सरकारी राशि निजी बैंक खातों में जमा नहीं की जाएगी. विभागीय अनुमति के बिना खोले गए सभी बैंक खातों को तुरंत बंद करने का निर्देश भी दिया गया. साथ ही 5000 रुपये से अधिक का भुगतान सीधे वेंडर के बैंक खाते में करने को कहा गया.

 

IFMS में अपलोड होगी खातों की जानकारी

सभी सरकारी बैंक खातों और कार्यालयों में संचालित अन्य खातों का विवरण IFMS सिस्टम में अपलोड करना अनिवार्य किया गया है. साथ ही लंबित राशि का प्रतिवेदन ट्रेजरी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए.

 

लेखा व्यवस्था में सुधार पर जोर

उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक कार्यालय में स्थापना लिपिक और विपत्र लिपिक अलग-अलग होने चाहिए. जहां ऐसा संभव नहीं है, वहां डीडीओ को विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि, हर डीडीओ महीने में कम से कम एक बार अपने कार्यालय का विस्तृत निरीक्षण करें और लेखा की गहन जांच करें.

 

ट्रेजरी ऑफिसर ने दी नियमों की जानकारी

बैठक में ट्रेजरी ऑफिसर पंकज कुमार ने झारखंड कोषागार संहिता-2016 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने कहा कि किसी भी भुगतान की अंतिम जिम्मेदारी कार्यालय प्रधान की होती है और वह इससे बच नहीं सकते. उन्होंने लेखा संधारण, बजट सीमा और अनियमितताओं की पहचान पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई.

 

इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर आयुक्त आशीष गंगवार, अपर समाहर्ता विनोद कुमार, डीएफओ विकास पालीवाल, निदेशक डीआरडीए राजीव रंजन, सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा, जिला शिक्षा पदाधिकारी अभिषेक झा, जिला शिक्षा अधीक्षक आयुष कुमार सहित सभी विभागों के डीडीओ और संबंधित कर्मी उपस्थित रहे.

 

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