New Delhi : भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार(NSA)अजीत डोभाल ने आज मंगलवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना स्वागत योग्य कदम है. होर्मुज स्ट्रैट खुलने से ऊर्जा सुरक्षा में मदद मिलेगी.
अजीत डोभाल दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक (ब्रिक्स सम्मेलन) में बोल रहे थे. NSA ने ब्रिक्स देशों के अपने समकक्षों का स्वागत किया.
उन्होंने कहा कि अमेरिका-ईरान के बीच हुए समझौते से वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार का मार्ग मजबूत होगा. श्री डोभाल ने कहा कि इस जलमार्ग के खुलने से आपूर्ति श्रृंखला की बाधाएं दूर होंगी.
इससे उर्वरकों तथा रसायनों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की कमी पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी. समुद्री मार्गों से सुरक्षित आवागमन क्षेत्र के देशों की आर्थिक समृद्धि में बड़ा सुधार लायेगा.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बढ़ते वैश्विक तनाव और बहुपक्षवाद में गिरावट के इस दौर में ब्रिक्स वैश्विक स्थिरता और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है.
डोभाल ने कहा, हम बहुत उथल-पुथल के दौर में में मिल रहे हैं. वर्तमान में दुनिया भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं, आर्थिक दबावों और विघटनकारी तकनीक का सामना कर रही है. उन्होंने कहा, खतरे बढ़ रहे हैं.
इन संघर्षों को सुलझाने या कम करने के लिए मौजूद साधन और संस्थागत तंत्र भी अपर्याप्त साबित हो रहे हैं. उन्होंने कहा, ब्रिक्स ऐसे देशों का एक अहम गठबंधन है, जो शांति, प्रगति, विकास और सहयोग में विश्वास रखता है.
डोभाल ने कहा, ब्रिक्स का मकसद आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना और ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करना है. ग्लोबल साउथ के देश वह देश हैं,जो विकासशील, कम विकसित अथवा अविकसित के रूप में जाने जाते हेय ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लातिन अमेरिका में स्थित हैं.
ब्रिक्स में मूल रूप से ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे. इसका 2024 में विस्तार हुआ और इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हुए, जबकि इंडोनेशिया 2025 में इसमें शामिल हुआ.
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