Giridih: जिले में रविवार को पल्स पोलियो अभियान का आगाज हो गया. डीसी रामनिवास यादव, पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार और सिविल सर्जन डॉ. बच्चा प्रसाद सिंह ने 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया.
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अधिकारियों ने पूरे जिले में घर-घर जाकर और बूथों पर दवा पिलाने का व्यापक कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए. उपायुक्त यादव ने कहा कि पोलियो के प्रति जागरूकता ही बचाव का पहला कदम है. भारत पोलियो मुक्त देशों में से एक है, पर पोलियो मुक्त बने रहने के लिए नियमित तौर पर पल्स पोलियो की दो बूंद की खुराक देना आवश्यक है.
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को उनके दायित्वों से अवगत कराया और अभियान के सुचारू क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए. उपायुक्त ने कहा कि 0 से 5 वर्ष तक के कुल 4,91,038 बच्चों को लक्ष्य में रखा गया है और पहले दिन 2,403 बूथों पर खुराक दी जाएगी.
29 व 30 जून को स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर बच्चों को खुराक देंगे. अभियान में 4,793 स्वास्थ्य कर्मी तैनात किए गए हैं.
पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि यह अभियान 30 जून तक चलेगा. उन्होंने कहा कि मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो के खतरे से वंचित न रहे.
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे समय पर अपने बच्चों को नजदीकी बूथ पर लेकर आएं और उन्हें पल्स पोलियो की खुराक अवश्य पिलवाएं ताकि भविष्य में बच्चे पोलियो से सुरक्षित रहें.
सिविल सर्जन डॉ. बच्चा प्रसाद सिंह ने पोलियो को बचपन में विकलांगता का प्रमुख कारण बताया और दो बूंद खुराक को “डबल सुरक्षा” करार दिया.
स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित अधिकारियों को शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के लिए माइक्रोप्लान बनाने और उचित समन्वय के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अभियान के दौरान हर संभव प्रयास किए जाएंगे ताकि कोई भी बच्चा छूटे नहीं.
जिले के स्वास्थ्य कर्मचारियों और प्रशासनिक तंत्र द्वारा व्यापक जागरूकता व घर-घर सर्वे के जरिए इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया गया है.
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