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योगी  वाराणसी पहुंचे, काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा की, कहा, मणिकर्णिका घाट में मूर्तियां तोड़े जाने का भ्रम न फैलायें...

 Varanasi :  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज शनिवार को वाराणसी पहुंचे और काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की. दरअसल वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पुनर्विकास परियोजना के तहत ध्वस्त किये गये कुछ हिस्सों को लेकर यहां बवाल मचा हुआ है. इसी बीच सीएम योगी वाराणसी पहुंचे हैं. काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा के बाद वे काल भैरव मंदिर पहुंचे और यहां भी पूजा-अर्चना की.

 

 


इसके बाद वारासणी के सर्किट हाउस में प्रेस-कॉन्फ्रेंस की. योगी आदित्यनाथ ने  कहा कि साल 2014 के बाद से काशी में लगातार विकास हो रहा है. उन्होंने कहा कि काशी के घाट वाराणसी की पहचान हैं. कहा कि  काशी विश्वनाथ धाम में 50 हजार श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं. काशी में नये-नये अस्पताल खुले हैं. अब काशी में नौजवानों के लिए रोजगार के  नये-नये  अवसर उपलब्ध हैं. 

 


मणिकर्णिका घाट मामले को  लेकर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ लोग काशी को बदनाम करने में लगे हुए हैं. कहा कि जब काशी विश्वनाथ का काम शुरू हुआ था तो उसके खिलाफ साजिश रची गयी थी. आज भी वही लोग काशी को बदनाम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, टूटी हुई मूर्तियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाल कर भ्रम फैलाया जा  रहा  है. वे भ्रम फैला रहे हैं कि मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं. इससे ज्यादा सफेद झूठ कुछ नहीं हो सकता.  

 


योगी ने कहा, काशी अविनाशी है. काशी के प्रति हर भारतवासी अपार श्रद्धा का भाव रखता है, लेकिन स्वतंत्र भारत में काशी को जो सम्मान मिलना चाहिए था.  वो महत्व नहीं मिला.  बता दें कि मणिकर्णिका घाट पर चल रही कार्रवाई के कारण आम जन के अलावा खास कर पाल समाज में बहुत  गुस्सा है. समाज के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि रानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति तोड़ी गयी है. यह उनकी विरासत का अपमान है.

 


विकास के नाम पर धरोहरों का विनाश किया जा रहा है. इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटा दिया. आम जन के अलावा विपक्षी दल सपा, कांग्रेस का आरोप है कि विकास के नाम पर सदियों पुरानी मूर्तियां, विशेषकर देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त कर दी गयी हैं.

 


विवाद गहराता देख वाराणसी के मेयर और  भाजपा विधायक मणिकर्णिका घाट पहुंचे और सफाई दी कि कोई मंदिर नहीं टूटा  है. मूर्तियों को संरक्षित रखा गया है.  कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने पर मूर्तियों को पुनर्स्थापित किया जायेगा. इस मामले में काशी विद्वत परिषद ने भी लोगों से अपील की है कि वे भ्रम न फैलायें.  

 

 

मामला यह है कि मणिकर्णिका घाट पर दो दिन पूर्व प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से एक चबूतरे को ध्वस्त कर दिया था. चबूतरे पर स्थापित देवी-देवताओं और अहिल्याबाई होल्कर की मूर्तियों के कथित रूप से क्षतिग्रस्त होने का वीडियो वायरल होने पर हजारों लोग वहां पहुंच गये. भीड़ बढ़ते देख वहां पुलिस बल तैनात किया गया. मामले  को किसी संभाला गया.  

  

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