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तेल संकट: PM मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से की बात, तैयारियों की समीक्षा

पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार की शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की. ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष से भारत पर पड़ने वाले असर और सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए वर्चुअल बैठक हुई. यह बैठक पश्चिमी एशिया संकट से निपटने के लिए तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा के लिए की गई.
 

Delhi: पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार की शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की. ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष से भारत पर पड़ने वाले असर और सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए वर्चुअल बैठक हुई. यह बैठक पश्चिमी एशिया संकट से निपटने के लिए तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा के लिए की गई. जिसमें चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री को छोड़कर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया.

 

मुख्यमंत्री के अलावा इस बैठक में केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी भी मौजूद रहे. जिसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह भी शामिल हुए. आचार संहिता लागू होने के कारण चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्री में केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम और पुदुचेरी के सीएम ने हिस्सा नहीं लिया.

इस बैठक का उद्देश्य था कि ईरान-इजरायल-अमेरिका संघर्ष के बीच भारत में तेल, गैस और जरूरी सामानों की सप्लाई रुकनी नहीं चाहिए. पीएम मोदी ने कहा कि समय ‘टीम इंडिया’ बनकर काम करने का है और हर स्तर पर तालमेल जरूरी है. उन्होंने सभी मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि अपने राज्यों में किसी तरह का पैनिक न होने दें. 


अफवाहे फैलाने वालों  जमाखोरी या मुनाफाखोरी पर तुरंत सख्त कार्रवाई हो. सरकार ने अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दी हैं. आर्थिक स्थिरता बनाए रखना, व्यापार को सुरक्षित रखना, ऊर्जा सप्लाई और सप्लाई चेन को मजबूत रखना सबसे ऊपर है. 


बैठक में कृषि क्षेत्र पर भी विशेष फोकस रहा. उर्वरकों के भंडारण और समय पर वितरण को लेकर पहले योजना बनाने को कहा गया है. सीमा और तटीय राज्यों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे जरूरी सप्लाई पर अतिरिक्त निगरानी रखें. मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार के कदमों का समर्थन किया और भरोसा जताया कि वे मिलकर हालात का सामना करेंगे. बैठक में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज घटाने और एलपीजी आवंटन बढ़ाने जैसे फैसलों का भी स्वागत किया गया. 


चुनावी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ कैबिनेट सचिवालय के माध्यम से अलग से बैठक की जाएगी. बता दें कि इससे पूर्व पीएम मोदी ने खाड़ी युद्ध के कारण उपजे हालात पर लोकसभा और राज्यसभा में अपनी बात रखी थी.

 

 

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