Ranchi : JSSC और JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का सत्याग्रह और आमरण अनशन गुरुवार को 13वें दिन भी जारी रहा. आंदोलन अब केवल JSSC-JPSC तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े अभ्यर्थी भी बड़ी संख्या में इसमें शामिल हो रहे हैं.
धरनास्थल पहुंचे विधायक जयराम महतो ने आंदोलनरत छात्रों को अपना समर्थन देते हुए राज्य सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कई छात्र 13 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और अन्न-जल का त्याग कर चुके हैं, लेकिन सरकार अब तक गंभीरता से उनकी बात सुनने के लिए आगे नहीं आई है. उन्होंने बताया कि छात्रों के परिजन लगातार चिंतित हैं और सरकार को तत्काल वार्ता कर समाधान निकालना चाहिए.
जयराम महतो ने कहा कि उन्होंने कार्य मंत्रणा समिति और सर्वदलीय बैठक में भी सरकार से मांग की है कि वह अपनी टीम भेजकर छात्रों से बातचीत करे और उनकी जायज मांगों का समाधान करे.
छात्रों की कठिन परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए महतो ने कहा कि कई अभ्यर्थियों ने बेहद संघर्ष कर पढ़ाई की है. पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और भर्ती में देरी के कारण हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है. उन्होंने अपने संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि विधायक बनने से पहले उन्होंने भी आर्थिक तंगी देखी है और एक आंदोलन में शामिल होने के लिए कचौड़ी तथा किराए के 20 रुपये तक उधार लेने पड़े थे.
उन्होंने कहा कि 25 वर्ष से अधिक उम्र के बेरोजगार युवाओं पर परिवार और समाज का दबाव बढ़ता जा रहा है, इसलिए उनकी पीड़ा को समझना जरूरी है.
विधायक जयराम महतो ने भरोसा दिलाया कि विधानसभा के मौजूदा सत्र में वह छात्रों की सभी मांगों को मजबूती से उठाएंगे. साथ ही उन्होंने घोषणा की कि जब तक विधानसभा सत्र चलेगा, वह प्रतिदिन सत्र समाप्त होने के बाद धरनास्थल पहुंचकर आमरण अनशन पर बैठे छात्रों से मुलाकात करेंगे और उनका मनोबल बढ़ाएंगे.
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