Ranchi : गोस्सनर कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग एवं आईक्यूएसी (IQAC) के संयुक्त तत्वावधान में आज ‘रिसर्च मेथडोलॉजी’ विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार का मुख्य विषय शोध कार्य में हाइपोथेसिस टेस्टिंग की भूमिका और उसकी उपयोगिता रहा.
कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन के रूप में गोस्सनर कॉलेज के गणित विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सुमंत कुमार उपस्थित रहे. उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए शोध क्षेत्र में हाइपोथेसिस टेस्टिंग की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला.
उन्होंने कहा कि हाइपोथेसिस टेस्टिंग प्रत्येक शोधार्थी के लिए एक आवश्यक उपकरण है, जिसके माध्यम से शोध के निष्कर्षों की वैधता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जाती है.
डॉ. कुमार ने हाइपोथेसिस टेस्टिंग के मुख्य चरणों परिकल्पना निर्माण, सिग्निफिकेंस लेवल निर्धारण, परीक्षण चयन, डेटा विश्लेषण और निष्कर्ष की विस्तार से जानकारी दी. साथ ही उन्होंने टाइप-1 और टाइप-2 त्रुटियों सहित संभावित त्रुटियों के बारे में भी समझाया.
कार्यक्रम में प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. एलानी पूर्ति, विभागाध्यक्ष प्रो. प्रवीण सूरीन, डॉ. पुलिन केरकेट्टा, प्रो. अमलस तोपनो, प्रो. अमित कुमार एवं एल. वी. बारला सहित कई शिक्षक व सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
सेमिनार के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने शोध संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया.
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