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एक व्यक्ति–एक पद का निर्देश 6 महीने बाद भी हवाई किला, मैनपावर की कमी बनी बाधा

Ranchi: जुलाई 2025 में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिया था कि “एक व्यक्ति–एक पद” की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएं. बैठक के बाद इसकी घोषणा भी की गई थी, लेकिन करीब छह महीने बीत जाने के बाद भी यह व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है.
 

Ranchi: जुलाई 2025 में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिया था कि “एक व्यक्ति–एक पद” की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएं. बैठक के बाद इसकी घोषणा भी की गई थी, लेकिन करीब छह महीने बीत जाने के बाद भी यह व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है.

 

रांची के दो प्रमुख विश्वविद्यालयों - डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय और रांची विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह वर्तमान में झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के भी कुलपति का दायित्व संभाल रहे हैं. बाकी विश्वविद्यालय की तरह एक व्यक्ति पर एक पद हमने कुलपति डीके सिंह से बात की.


इस संबंध में पूछे जाने पर कुलपति प्रो. सिंह ने बताया कि निर्देश के अनुपालन की प्रक्रिया जारी है, लेकिन विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और वरिष्ठ प्रोफेसरों की भारी कमी के कारण इसे तत्काल लागू कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा नई नियुक्तियां नहीं हो पाने से स्थिति जटिल बनी हुई है.

 

कुलपति ने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालयों में नियमित नियुक्तियां झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के माध्यम से होती हैं, लेकिन अब तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है. इसके चलते विश्वविद्यालयों में मैनपावर की कमी बनी हुई है, जो प्रशासनिक व्यवस्था को भी प्रभावित कर रही है.

 

उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि एक व्यक्ति पर एक ही पद का दायित्व रहे, लेकिन जब तक सरकार की ओर से नियुक्तियां नहीं होतीं, तब तक इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू करना चुनौतीपूर्ण है. यदि जल्द नियुक्तियां हो जाती हैं तो इस निर्देश का पालन करना आसान हो जाएगा.

 

गौरतलब है कि राज्यपाल के निर्देश के बावजूद अब तक ठोस अमल नहीं होने से शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य में बाधा आए दिन खड़ी हो रही है. जेपीएससी पर भी आए दिन सवाल खड़े हो रहे हैं, नियुक्ति को लेकर पर सरकार या जेपीसी के तरफ से कोई स्पष्ट जवाब झारखंड के लोगों को नहीं मिला है. देखना ये होगा कि जेपीएससी की आगामी नियुक्ति प्रक्रिया क्या होगी, ताकि विश्वविद्यालयों में पदों का संतुलन सुनिश्चित किया जा सके.

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