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रेंजर आनंद को पेंशन और ग्रेच्युटी के भुगतान पर अगले आदेश तक रोक

Ranchi: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई के बाद रेंजर आनंद कुमार के पेंशन और ग्रेच्युटी के भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगी दी है.  हाईकोर्ट ने रेंजर आनंद को पेंशन और ग्रेच्युची भुगतान का आदेश दिया था. लेकिन सरकार ने भुगतान करने के बदले हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है.
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Ranchi: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई के बाद रेंजर आनंद कुमार के पेंशन और ग्रेच्युटी के भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगी दी है.  हाईकोर्ट ने रेंजर आनंद को पेंशन और ग्रेच्युची भुगतान का आदेश दिया था. लेकिन सरकार ने भुगतान करने के बदले हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है.

 

राज्य सरकार की याचिका पर न्यायाधीश दिपांकर दत्ता और न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा की पीठ में हुई. न्यायालय ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए अगले आदेश तक हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है.


उल्लेखनीय है कि रेंजर आनंद कुमार के रिटायरमेंट के सरकार ने पेंशन ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं किया. इसके लिए पेंशन नियमावली के नियम 43(C)को आधार बनाया. इस नियम के तहत अगर किसी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही लंबित हो तो सरकार उसके पेंशन और ग्रेच्युटी के भुगतान को विभागीय कार्यवाही के फैसले तक रोक सकती है.


रेंजर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पेंशन नियमावली के नियम 43(C) असंवैधानिक होने की दलील पेश की थी. क्योंकि पेंशन और ग्रेच्युटी इनाम के बदले अधिकार है. सुप्रीम कोर्ट ने अनेकों फैसले में इस बात को स्थापित किया है. लेकिन सरकार ने इस नियम के सहारे पेंशन और ग्रेच्युटी का भुगतान रोके रखा है. 


साथ ही यह भी कहा था कि उनका पेंशन और ग्रेच्युटी रोके रखने के लिए सरकार की ओर से विभागीय कार्यवाही का निपटारा नहीं किया जा रहा है. उनके खिलाफ 2012 से चल रहे विभागीय कार्यवाही को अब तक जारी ही रखा गया है. हालांकि विभागीय कार्यवाही का निपटारा करने के लिए सरकार ने अधिकतम 105 दिनों का समय निर्धारित कर रखा है.


रेंजर आनंद की इस याचिका पर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह और न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की पीठ में हुई थी. न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पेंशन नियमावली के नियम 43(C) के असंवैधानिक होने के मुद्दे पर विचार नहीं किया. हालांकि न्यायालय ने इस नियम के पिछली तिथि से लागू होने या नहीं होने के मुद्दे पर विचार किया. न्यायालय ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद अगस्त 2025 में अपना फैसला सुनाया. 

 

न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि 43(C) को पेंशन नियमावली 2002 में 2018 को जोड़ा गया. इसलिए इसे पिछली तिथि से लागू नहीं किया जा सकता है. आनंद के खिलाफ विभागीय कार्यवाही 2012 से चल रही है. इसलिए नियम 43(C) के तहत रेंजर का पेंशन और ग्रेच्युटी को रोके रखना सही नहीं है. साथ ही न्यायालय ने पेंशन और ग्रेच्युटी के भुगतान का आदेश दिया. न्यायालय ने यह भी माना कि पेंशन और ग्रेच्युटी इनाम नहीं अधिकार है.

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