- सरकार झारखंड लीगल सर्विस अथॉरिटी के साथ मिलकर SOP बना रही
Ranchi : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत राज्य के ओपन जेल (Open Correctional Institutes) में सुविधा उपलब्ध कराने और इसकी मॉनिटरिंग करने को लेकर कोर्ट के स्वत: संज्ञान की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई. मामले में राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि रांची, हजारीबाग, दुमका और जमशेदपुर चार सेंट्रल जेल में ओपन बैरक बना दी गई है.
गृह विभाग की ओर से इससे संबंधित नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है. ओपन बैरक के सही रूप से संचालन को लेकर सरकार झारखंड लीगल सर्विस अथॉरिटी के साथ मिलकर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी बना रही है.
सरकार का पक्ष सुनने कोर्ट ने मामले की अगली के लिए सुनवाई 21 जनवरी 2026 निर्धारित की है. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की. सरकार की ओर से अधिवक्ता विभोर मयंक ने पक्ष रखा.
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बता दें कि पूर्व की सुनवाई में कोर्ट को बताया गया था कि ओपन जेल के विस्तारीकरण के लिए हजारीबाग में 32 एकड़ सरकारी जमीन चिह्नित की गई है. इस संबंध में राज्य सरकार के गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है. महिला कैदियों के लिए भी ओपन जेल की विशेष व्यवस्था की जा रही है.
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने गृह विभाग को सभी राज्यों को ओपन जेल की मॉनिटरिंग करने के लिए एक कमेटी बनाने को कहा है. कमेटी ओपन जेल की मॉनिटरिंग के साथ-साथ जिम, चिकित्सा, भोजन आदि की सुविधा को बेहतर करने सहित कैदियों को मुख्य धारा से जोड़ने पर काम करेगी. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में हाईकोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया है.

