डिजिटल मीडिया समाचार पोर्टल NewsClick में अवैध फंडिंग के आरोप साबित नहीं हुए. दिल्ली हाईकोर्ट ने ईडी के सभी आरोपों से न्यूजक्लिक को बरी कर दिया. इसके साथ ही ईडी द्वारा दर्ज ईसीआईआर को रद्द कर दिया. कोर्ट ने यह भी कहा कि यह कानून के घोर दुरुपयोग का मामला है. इस फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि केंद्र सरकार के इशारे पर जांच एजेंसियों ने एक मीडिया संस्थान को बर्बाद कर दिया.
क्या आपको याद है पांच साल पहले फरवरी 2021 में ईडी व पुलिस ने कैसे इस मामले में कार्रवाई की थी. अक्टूबर 2023 में दिल्ली पुलिस न्यूजक्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ को घर से घसीट कर ले गयी थी. पत्रकार अभिसार शर्मा के घर पर छापेमारी की थी. वहां काम करने वाले इंटर्न तक को परेशान किया गया था. एक साल पहले अदालत ने ऐसी ही टिप्पणियों के साथ प्रबीर पुरकायस्थ को जमानत दी थी. और अब उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को ही रद्द कर दिया गया है.
आपको यह भी याद होगा कि कैसे उस वक्त मेन स्ट्रीम मीडिया का बड़ा हिस्सा और सोशल मीडिया पर लाखों लोग न्यूजक्लिक व वहां काम करने वालों को देशद्रोही बता रहे थे. न्यूजक्लिक, उसके संस्थापक व वहां काम करने वाले पत्रकारों के खिलाफ यह सब इसलिए हो रहा था क्योंकि वह केंद्र की सत्ता से सवाल कर रहे थे. केंद्रीय सत्ता के समर्थकों को यह मंजूर नहीं था. इसलिए उनके खिलाफ अफवाहों को भड़काया गया. एक माहौल बनाया गया.
अब जबकि न्यूजक्लिक के खिलाफ दर्ज मामले खत्म हो गये हैं. अदालत ने सारे आरोपों को खारिज कर दिया है. ऐसे में यह सवाल तो बनता ही है कि उस वक्त न्यूजक्लिक व उसके पत्रकारों के खिलाफ लिखने, बोलने व दिखाने वालों को माफी नहीं मांगनी चाहिए. हालांकि वो ऐसा करेंगे नहीं. हमने देखा है अभिनेत्री रिया चटर्जी मामले में, दिल्ली शराब घोटाला मामले में, किसी ने भी (रिया मामले में जी न्यूज को छोड़ कर) माफी नहीं मांगी. इनसे उम्मीद भी नहीं करनी चाहिए.
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