Lagatar Desk : जंतर-मंतर पर 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जबरदस्ती अस्पताल ले गई. आप सांसद संजय सिंह, डिंपल यादव सहित कई विपक्षी नेताओं ने इसको लेकर सरकार पर हमला बोला है और इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है.
जिस युवा पर लठ्ठ चला रहे, वही आपका तख्त उखाड़ेगा : संजय सिंह
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर सरकार की कार्रवाई की आलोचना की है. उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट साझा कर कहा कि 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक की मांगों पर बातचीत करने के बजाय उन्हें जबरन अस्पताल भेज दिया गया.
संजय सिंह ने इसे सत्ता का अहंकार बताते हुए मोदी सरकार पर लोकतांत्रिक तरीके से उठ रही आवाजों को दबाने और गुंडागर्दी चलने का आरोप लगाया है. उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि जिस युवा पर लठ्ठ चला रहे हो, यही आपका तख्त उखाड़ेगा.
ये क्या गुंडागर्दी चल रही है?
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) July 18, 2026
मोदी जी ये सत्ता का अहंकार लंबे समय तक नही चलता।
जिस युवा पर लठ्ठ चला रहे हो, यही आपका तख़्त उखाड़ेगा।
एक शख़्स @Wangchuk66 जो पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन पर है, उनकी माँगें सुनने के बजाय उसको जबरन गिरफ़्तार करके हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया। https://t.co/N6cuofEYhD
सरकार ने लोकतंत्र और संविधान को कुचला : डिंपल
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक जी को जबरन हटाना सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को कुचलना है. भाजपा सरकार को अब शांतिपूर्ण विरोध भी बर्दाश्त नहीं. उन्होंने इस कार्रवाई को तानाशाही करार दिया.
सोनम वांगचुक जी को जबरन हटाना सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को कुचलना है।
— Dimple Yadav (@dimpleyadav) July 18, 2026
भाजपा सरकार को अब शांतिपूर्ण विरोध भी बर्दाश्त नहीं - यह तानाशाही है।
वांगचुक की आवाज दबाना, देश की आत्मा को दबाना है : डिंपल
डिंपल यादव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी वाले देश के लिए सफेद चादर का कफन लेकर आए हैं. जब शांतिपूर्ण आवाजों को दबाया जाता है, तो संविधान और लोकतंत्र भी आहत होते हैं. सोनम वांगचुक जैसे लोगों की आवाज दबाना, देश की आत्मा को दबाना है.
बीजेपी वाले देश के लिए सफेद चादर का कफ़न लेकर आए हैं।
— Dimple Yadav (@dimpleyadav) July 18, 2026
जब शांतिपूर्ण आवाज़ों को दबाया जाता है, तो संविधान और लोकतंत्र भी आहत होते हैं।
सोनम वांगचुक जैसे लोगों की आवाज़ दबाना, देश की आत्मा को दबाना है। pic.twitter.com/mFVCA0CRtA
दिवालिया मोदी सरकार सिर्फ डंडे का इस्तेमाल करना जानती : सागरिका घोष
टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने इस कार्रवाई को अनुचित बताया है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह किस तरह की चौंकाने वाली और जबरदस्ती वाली सरकारी हिंसा है. नैतिक रूप से दिवालिया मोदी सरकार सिर्फ डंडे का इस्तेमाल करना जानती है. यह मंजूर नहीं है.
What sort of shocking coercive state violence is this? The morally bankrupt @narendramodi regime only knows how to use the danda. UNACCEPTABLE https://t.co/TMdI2htVX1
— Sagarika Ghose (@sagarikaghose) July 18, 2026
लोकतंत्र को बेशर्मी से जबरदस्ती तोड़ा जा रहा : आदित्य ठाकरे
वहीं शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध को इस तरह रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. कहा कि कितनी शर्म की बात है. दुनिया देख रही है कि भारत में लोकतंत्र को किस तरह बेशर्मी से जबरदस्ती तोड़ा जा रहा है. अब तो एक अयोग्य मंत्री के खिलाफ छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन भी बर्दाश्त नहीं किए जाते.
What a shame!
— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) July 18, 2026
The world watches democracy in India being broken by force, shamelessly.
Even peaceful protests for students against an incompetent minister are not tolerated anymore. https://t.co/jL4WSuhsLK
जंतर-मंतर के रास्ते बंद
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट के निर्देश और डॉक्टरों की सलाह पर सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराया है. साथ ही प्रदर्शनकारियों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने और शांतिपूर्वक जगह खाली करने की अपील की है.
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