Jamtara News: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच झामुमो ने केंद्र सरकार के प्रस्तावित खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ आंदोलन का ऐलान करते हुए भाजपा पर मुद्दा भटकाने का आरोप लगाया है. झामुमो जामताड़ा जिला उपाध्यक्ष प्रदीप मंडल ने कहा कि पार्टी झारखंड के जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा के अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी.
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प्रदीप मंडल ने कहा कि जेएसएससी-सीजीएल और जेपीएससी समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्र आंदोलन, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है. उन्होंने पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दूसरे राज्यों के लोगों की नियुक्ति तथा स्थानीय भाषा से अपरिचित शिक्षकों की बहाली को लेकर भी गंभीर सवाल उठे थे.
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से छात्रों के मुद्दे का सहारा लेकर हेमंत सोरेन सरकार को बदनाम करने और केंद्र सरकार के खान एवं खनिज संशोधन विधेयक के खिलाफ प्रस्तावित झामुमो आंदोलन से जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है.
प्रदीप मंडल ने कहा कि झारखंड की धरती से कोयला, लोहा, अभ्रक, बॉक्साइट समेत अन्य खनिज बड़े पैमाने पर दूसरे राज्यों में जाते हैं. उन्होंने कहा कि यदि झारखंड के खनिज संसाधनों के अधिकार और हिस्सेदारी की अनदेखी की गई तो झामुमो व्यापक जनआंदोलन खड़ा करेगा.
उन्होंने कहा कि झामुमो आंदोलन की उपज पार्टी है और आंदोलन के बल पर ही अलग झारखंड राज्य का निर्माण हुआ है. इसलिए अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ना पार्टी का लोकतांत्रिक अधिकार है.
प्रदीप मंडल ने केंद्र सरकार से खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026 को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि मांग नहीं मानी गई तो पार्टी बड़े आंदोलन की राह पर जा सकती है. उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन नाकाबंदी जैसा कदम भी उठाया जा सकता है और इसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार होगी.
उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों से जुड़े सवालों पर झामुमो सड़क से सदन तक संघर्ष करेगा और किसी भी कीमत पर झारखंड के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा.
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