- WHO जांच में टीकाकरण दावों की खुली पोल
- स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर
- NHM ने सिविल सर्जन से मांगी रिपोर्ट
- जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश
Pakur : जिले के सदर ब्लॉक में खसरा-रूबेला (MR) का गंभीर प्रकोप देखने को मिल रहा है. इस बीमारी से अब तक 90 से अधिक बच्चे संक्रमित हो गए हैं. जबकि तीन बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है. मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
जानकारी के अनुसार, जिले के रहसपुर एचएससी अंतर्गत आने वाले रंडांगा, न्यू अंजाना और चंद्रपुरा गांवों में मुख्य रूप से खसरा का प्रकोप देखने को मिल रहा है. जांच में पाया गया कि इन क्षेत्रों में टीकाकरण की स्थिति काफी कमजोर है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम की जांच में यह भी पता चला है कि न्यू अंजाना गांव में करीब 50 प्रतिशत बच्चे टीकाकरण से वंचित रहे, जो संक्रमण फैलने का प्रमुख कारण बना. रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि सरकारी रिकॉर्ड में टीकाकरण कवरेज 98 प्रतिशत दिखाया गया था, जबकि वास्तविक स्थिति इससे काफी अलग पाई गई.
जांच में यह भी सामने आया कि लाभार्थियों से एमसीपी कार्ड देने के बदले पैसे मांगने, टीकाकरण योजना में खामियां और ग्रामीणों तक सही सूचना नहीं पहुंचाने जैसी गंभीर अनियमितताएं हुई हैं. सदर क्षेत्र के चिकित्सा प्रभारी की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड ने इस मामले में सिविल सर्जन से रिपोर्ट मांगी है और जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
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