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पलामू : कानून-व्यवस्था पर पूर्व मंत्री ने उठाए सवाल, दी आंदोलन की चेतावनी

Palamu : नगर निगम चुनाव और जिले में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर पूर्व मंत्री के.एन. त्रिपाठी ने सरकार और जिला प्रशासन पर तीखा हमला बोला है. वे शुक्रवार को परिसर में संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि जिला और राज्य में हत्या, गोलीबारी, रंगदारी व फिरौती की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है.

 

 उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की सबसे बड़ी कमी यह है कि जिलों में डीसी और एसपी जैसे अहम पदों पर सक्षम और ईमानदार अधिकारियों की चयनित नियुक्ति नहीं हो रही है, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है.

 

के.एन. त्रिपाठी ने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह अच्छे अधिकारियों की पोस्टिंग करे और नियमित रूप से सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा कराए. कहा कि व्यावसायिक संघर्ष समिति के संयोजक के रूप में प्रभात कुमार अग्रवाल का चयन किया गया है.

 

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी जिले में एक वर्ष में 100 हत्याएं होती हैं, तो यह पूरे राज्य के लिए खतरनाक संकेत है. उन्होंने पहलगाम की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में कुछ घटनाओं पर राष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जाती है, लेकिन राज्य में लगातार हो रही हत्याओं पर ठोस कार्रवाई नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है.

 

उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2009 में विधायक बनने के बाद उनके कार्यकाल में शहर में एक्सटॉर्शन और कानून-व्यवस्था की समस्या लगभग समाप्त हो गई थी, लेकिन अब हालात फिर बिगड़ रहे हैं, जिन्हें तत्काल ठीक करने की जरूरत है.

 

पूर्व मंत्री ने बताया कि गुरुवार को विभिन्न व्यवसायियों के साथ बैठक की गई, जिसमें तीन अहम निर्णय लिए गए. बैठक में तय हुआ कि व्यापारियों के हित में व्यवसाय संघर्ष समिति का गठन किया जाएगा, जो व्यवसायियों के खिलाफ होने वाली हर घटना पर कार्रवाई करेगी. 

 

साथ ही यह निर्णय लिया गया कि यदि व्यवसायियों से रंगदारी मांगने की घटनाएं नहीं रुकती हैं तो जिला से लेकर राज्य स्तर तक आंदोलन किया जाएगा. तीसरे निर्णय के तहत नगर निगम चुनाव को देखते हुए सभी 35 वार्ड के व्यवसायी और अन्य लोग टाउन हॉल में जुटेंगे, जहां मौजूदा हालात पर चर्चा कर सर्वसम्मति से आगे की रणनीति तय की जाएगी.

 

के.एन. त्रिपाठी ने कहा कि यदि पुलिस-प्रशासन आम लोगों और व्यापारियों को सुरक्षा देने में असफल रहता है तो प्रशासन को आत्मरक्षा के लिए व्यापारियों को हथियार उपलब्ध कराने पर भी विचार करना चाहिए. उन्होंने सरकार से मांग की कि कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि लोग भयमुक्त होकर जीवन और व्यापार कर सकें.मौके पर जीशान खान, अरुण कुमार कांस्यकार,मुन्ना खान,विवेका त्रिपाठी,जावेद खान,प्रमोद सिंह,सबलू खान,बबलू दुबे सहित अन्य लोग उपस्थित रहे.

 

 

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