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पलामू: मनरेगा में घोटाला, 3 एकड़ में 28 कुएं दिखाकर लाखों की बंदरबांट का आरोप

चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बोड़ी पंचायत में मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर घोटाले का सनसनीखेज मामला सामने आया है. ग्रामीणों ने उपायुक्त को आपत्ति पत्र सौंपकर वेंडर संतोष बैठा पर गंभीर आरोप लगाए हैं और उनका लाइसेंस रद्द करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा के तहत चल रही योजनाओं में वेंडर द्वारा जमकर अनियमितता की जा रही है.
 
  • वेंडर, बीपीओ और मुखिया की मिलीभगत से सरकारी राशि की लूट, जांच और कार्रवाई की मांग

Palamu: चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बोड़ी पंचायत में मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर घोटाले का सनसनीखेज मामला सामने आया है. ग्रामीणों ने उपायुक्त को आपत्ति पत्र सौंपकर वेंडर संतोष बैठा पर गंभीर आरोप लगाए हैं और उनका लाइसेंस रद्द करने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा के तहत चल रही योजनाओं में वेंडर द्वारा जमकर अनियमितता की जा रही है. मेठ और मिस्त्री के नाम पर निकाली जाने वाली राशि को भी हड़प लिया जाता है, जिससे वास्तविक मजदूरों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है.

 

बीपीओ व मुखिया पर मिलीभगत का आरोप

मामले को और गंभीर बताते हुए ग्रामीणों ने बीपीओ अरविंद सिंह और पंचायत के मुखिया मुस्तफा मियां पर मिलीभगत का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि इन्हीं के संरक्षण में योजनाओं में गड़बड़ी कर सरकारी राशि की खुली लूट की जा रही है. इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा 3 एकड़ जमीन पर 28 कुओं के निर्माण का है. ग्रामीणों के अनुसार इतनी कम जमीन की सिंचाई एक या दो कुओं से ही संभव है, लेकिन कागजों पर 28 कुआं दिखाकर भारी राशि की निकासी कर ली गई.

 

सुदूरवर्ती और नक्सल प्रभावित क्षेत्र का फायदा?

जानकारी के अनुसार वर्ष 2024–25 में इन कार्यों को बिना किसी रोक-टोक के अंजाम दिया गया. बोड़ी पंचायत पहले अति नक्सल प्रभावित और सुदूरवर्ती क्षेत्र रहा है. ऐसे में संबंधित विभाग के अधिकारी वहां जांच के लिए कम ही पहुंच पाते हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि इसी का फायदा उठाकर पूरे घोटाले को अंजाम दिया गया. ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, वेंडर का लाइसेंस रद्द करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है.


बीपीओ ने टिप्पणी से किया इनकार

मामले में जब बीपीओ अरविंद सिंह से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि विभागीय प्रक्रिया के तहत शोकॉज नोटिस आने के बाद ही वे इस विषय पर कुछ कहेंगे. वहीं वेंडर संतोष बैठा ने कहा कि उनके द्वारा तीन कुएं बनाएं गए थे. उनकी दूरी आपस में कम होने के कारण ग्रामीणों ने आपत्ति जताई थी. जिसे बाद में जांच के बाद निरस्त कर दिया गया था.

 

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