Palamu : मेदिनीनगर नगर निगम में नगर आयुक्त का पद रिक्त हुए आधा महीना (15 दिन) बीत चुका है. लेकिन अब तक नगर आयुक्त की स्थायी नियुक्ति नहीं हो सकी है. इससे निगम के कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक, वित्तीय और विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं. नगर निगम क्षेत्र में चल रही योजनाओं के संचालन और नए प्रस्तावों के निष्पादन पर भी इसका असर पड़ रहा है.
बताते चलें कि निवर्तमान डीडीसी मो. जावेद हुसैन नगर आयुक्त के अतिरिक्त प्रभार में थे. उनका तबादला खूंटी के डीसी के रूप में होने के बाद से नगर आयुक्त का पद खाली है. उनके स्थान पर अब तक न तो स्थायी नगर आयुक्त की नियुक्ति की गई है और न ही किसी अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
उल्लेखनीय है कि मो. जावेद हुसैन के डीडीसी बनने के बाद भी नगर आयुक्त का पद लंबे समय तक रिक्त रहा था. नगर आयुक्त नहीं होने से विकास योजनाओं की स्वीकृति, निविदा और संविदा से जुड़े मामले, वित्तीय अनुमोदन, कर संग्रहण से संबंधित निर्णय, सफाई व्यवस्था की निगरानी, पेयजल एवं अन्य शहरी सुविधाओं से जुड़ी फाइलों के निष्पादन में देरी हो रही है.
इसके अलावा राज्य सरकार और नगर विकास विभाग से जुड़े कई मामलों में भी निर्णय प्रक्रिया प्रभावित बताई जा रही है. लोगों का कहना है कि शहर के तेजी से बढ़ते दायरे और विकास कार्यों को देखते हुए निगम को पूर्णकालिक नगर आयुक्त की आवश्यकता है. ऐसे में आधा महीना बीत जाने के बावजूद स्थायी नियुक्ति नहीं होना चिंता का विषय माना जा रहा है.
हालांकि सूत्रों के अनुसार, इसी माह मेदिनीनगर नगर निगम में नए नगर आयुक्त की नियुक्ति होने की संभावना है. फिलहाल नगर निगम प्रशासन नए आदेश की प्रतीक्षा कर रहा है.
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