Medininagar News : मेदिनीनगर-रांची मुख्य पथ पर पलामू जिले के चियांकी स्थित SBI की शाखा में सुरक्षा व्यवस्था काफी लचर है. जबकि यहां प्रतिदिन 200 से अधिक ग्राहक पहुंचते हैं. यहां बैंक की सुरक्षा में एक निजी एजेंसी का गार्ड तैनात है, लेकिन उसके पास हथियार नहीं है.
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पड़ताल में यह भी सामने आया कि बैंक में तैनात निजी सुरक्षा कंपनी के गार्ड को दूसरे कामों में भी लगाया जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि जिस गार्ड की जिम्मेदारी बैंक और ग्राहकों की सुरक्षा है, अगर उसे दूसरे कार्यों में लगाया जाएगा तो सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी रहेगी.
बैंक के इमरजेंसी अलार्म सिस्टम खराब मिला. जांच के दौरान अलार्म को सक्रिय कर उसकी कार्यक्षमता की जांच की गई, लेकिन सिस्टम काम नहीं कर रहा था. आपात स्थिति में पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसी को तत्काल सूचना पहुंचाने के लिए अलार्म सिस्टम का चालू रहना जरूरी है.
बैंक प्रबंधन का दावा है कि शाखा के चारों तरफ CCTV कैमरे एक्टिव हैं. वहीं पुलिस की ओर से भी बैंक की निगरानी की जाती है. TOP-2 के पुलिस जवान प्रतिदिन सुबह 11 से 12 बजे के बीच बैंक पहुंचकर पुलिस बीट रजिस्टर पर हस्ताक्षर करते हैं.
रेड.मा ग्रामीण बैंक में कोई गार्ड नहीं, अलार्म-CCTV दुरुस्त
पलामू के रेड़मा स्थित झारखंड ग्रामीण बैंक की शाखा की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है. रांची–मेदिनीनगर मुख्य मार्ग पर स्थित इस शाखा में सुरक्षा के लिए एक भी गार्ड नहीं है. जबकि बैंक भीड़भाड़ वाले इलाके में है. यहां रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहकों की आवाजाही होती है. खासकर स्कूलों के अभिभावक अपने बच्चों की फीस जमा करने के लिए इस शाखा में पहुंचते हैं. आम बैंकिंग कार्यों के लिए भी पूरे दिन ग्राहकों की भीड़ रहती है.

ग्रामीण बैंक,रेड़मा शाखा
हालांकि बैंक में इमरजेंसी अलार्म सिस्टम लगा हुआ है और वह एक्टिव है. आपात स्थिति में बैंककर्मी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. बैंक परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे भी सक्रिय हैं. यानी निगरानी और आपात सूचना के लिए तकनीकी व्यवस्था मौजूद है, लेकिन सुरक्षा गार्ड का नहीं होना चिंता का विषय है.
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