Medininagar News : पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में दो प्रसूताओं और एक नवजात की मौत मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. प्रशासन ने मेदिनीनगर के पांकी रोड स्थित जीवन ज्योति नर्सिंग होम को गुरुवार देर शाम सील कर दिया. लगातार तीन मौतों के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे थे. वहीं, घटना के करीब पांच दिन बाद हुई इस कार्रवाई को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं.
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ज्ञात हो कि जीवन ज्योति नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण दो प्रसूताओं और एक नवजात की मौत हो गई थी. एक प्रसूता की मौत पिछले शुक्रवार की रात हुई थी, जबकि दूसरी प्रसूता ने शनिवार की सुबह दम तोड़ दिया था. एक नवजात की भी मौत हो गई थी. तीन मौतों से परिजनों में आक्रोश था और अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठ रहे थे.
पांच सदस्यीय टीम ने की थी मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पलामू डीसी के निर्देश पर सिविल सर्जन डॉ. अनिल श्रीवास्तव के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया था. टीम को अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, डॉक्टरों की उपस्थिति, मरीजों की देखभाल और इलाज की व्यवस्था की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई थी.
जांच के दौरान अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. सबसे चिंताजनक बात यह सामने आई कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की देखभाल की जिम्मेदारी केवल एक एएनएम के भरोसे छोड़ दी गई थी. ऐसे में सवाल उठता है कि प्रसव जैसे संवेदनशील मामले में अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता क्यों नहीं थी.
जांच रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने की कार्रवाई
जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर गुरुवार देर शाम प्रशासन ने सख्त कदम उठाया. प्रशिक्षु आईएएस ऋतिक मेहता, सदर एसडीओ संजय पांडेय और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की टीम जीवन ज्योति नर्सिंग होम पहुंची. अधिकारियों ने अस्पताल की जांच-पड़ताल के बाद पूरे नर्सिंग होम को सील कर दिया.इस कार्रवाई के बाद से अस्पताल में चिकित्सा गतिविधियां पूरी तरह बंद हैं. घटना के बाद से ही अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों के फरार होने की बात भी सामने आ रही थी.
दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में जांच के दौरान जो भी डॉक्टर, अस्पताल संचालक या अन्य लोग दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अब जांच के आधार पर यह तय होना है कि इस पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका रही और मरीजों की जान जाने के लिए कौन जिम्मेदार है.
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