Palamu News : जिले के मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (MMCH) परिसर में नवजात के शव को कुत्ते द्वारा मुंह में दबाकर घूमने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में उत्तम अस्पताल के संचालक, डॉक्टर, पूर्व डॉक्टर, ओटी तकनीशियन समेत कुल 9 नामजद आरोपियों और 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.पुलिस के अनुसार, मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत भी धाराएं लगाई गई हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सदर प्रखंड के जमुने स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर प्रवीण उरांव के आवेदन पर मेदिनीनगर टाउन थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. नामजद आरोपियों में उत्तम अस्पताल के संचालक उत्तम कुमार सिंह, डॉ. स्मृति सिंह कुशवाह, डॉ. एसके बिंदु, रानी, संध्या कुमारी, मीना, डॉली शर्मा और रिंकी समेत अन्य शामिल हैं. पुलिस मामले में सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है.
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डीसी-एसपी के संज्ञान के बाद तेज हुई जांच
दरअसल, मंगलवार को मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज व अस्पताल परिसर में एक कुत्ता नवजात के शव को मुंह में दबाकर घूमता हुआ दिखाई दिया था. घटना की खबर सामने आने के बाद जिले में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने तत्काल संज्ञान लिया.
इसके बाद प्रशिक्षु आईएएस ऋतिक मेहता और सदर एसडीएम संजय पांडेय के नेतृत्व में उच्चस्तरीय टीम ने मामले की जांच की. जांच के दौरान पता चला कि नवजात का जन्म मेडिकल कॉलेज के बगल में स्थित एक निजी अस्पताल में हुआ था.
जांच में यह बात भी सामने आई कि दो महिलाएं नवजात के शव को झोले में लेकर पहुंची थीं और उसे पोस्टमार्टम हाउस के पास फेंक दिया गया था. हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों और संबंधित लोगों की भूमिका की पुष्टि पुलिस अनुसंधान के बाद ही स्पष्ट होगी.
निजी अस्पताल को किया जा चुका है सील
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने मंगलवार देर रात संबंधित निजी अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की थी. इसके बाद प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की गई. बुधवार को मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है.
एसआई अनिल कुमार यादव को मिली जांच की जिम्मेदारी
मेदिनीनगर टाउन थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार के अनुसार, मामले में 9 नामजद और 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. मुकदमे के अनुसंधान की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर अनिल कुमार यादव को सौंपी गई है.
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई, शव को अस्पताल परिसर के पास किसने और क्यों छोड़ा तथा इस पूरे घटनाक्रम में किन-किन लोगों की भूमिका रही. जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

