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पलामूः अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस पर पवन-पूजा की शादी बनी मिसाल

पूजा के पति का निधन वर्ष 2020 में हो गया था. पवन कुमार अविवाहित हैं और एक माइक्रोफाइनेंस कंपनी में कार्यरत हैं. उन्होंने बीए तक की शिक्षा प्राप्त की है.
 

विधवाओं को सशक्त बनाने में जुटा है ट्रस्ट : अविनाश देव

Medininagar : पलामू जिले के पोलपोल निवासी पवन कुमार ने समाज के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है. अंतरराष्ट्रीय विधवा दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में पवन ने गढ़वा जिले के सोनेहारा गांव की विधवा पूजा देवी से विवाह कर सामाजिक सोच को नई दिशा दी है. पूजा के पति का निधन वर्ष 2020 में हो गया था. 2018 में विवाह और 2019 में मां बनने के बाद पति के निधन ने उसके जीवन को पूरी तरह बदल दिया था.

वहीं, पवन कुमार अविवाहित हैं और एक माइक्रोफाइनेंस कंपनी में कार्यरत हैं. उन्होंने बीए तक की शिक्षा प्राप्त की है. पवन व पूजा का विवाह पहल ट्रस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में संपन्न हुआ. समारोह में प्रशिक्षु आईएएस हिमांशु, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान, संत मरियम विद्यालय के चेयरमैन, झारखंड सरकार के माटी कला बोर्ड के निवर्तमान सदस्य सह पहल ट्रस्ट के प्रतिनिधि अविनाश देव समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे. जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा विधवा विवाह पर दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है. समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान ने बताया कि जिले में वर्ष 2025 के लिए पांच विधवा विवाह का लक्ष्य रखा गया है.

कार्यक्रम में उपस्थित कई विधवाओं ने अपने जीवन के संघर्ष साझा किए. चैनपुर प्रखंड के सेमरटांड़ की एक महिला ने कहा कि पति की मृत्यु के बाद समाज पत्नी को ही दोषी ठहराता है, बेटों से भी वंचित कर देता है और चरित्र पर सवाल उठाता है. उसे केवल बेटियां हैं, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आता. अविनाश देव ने कहा कि ट्रस्ट विधवा महिलाओं को सामाजिक रूप से जागरूक और सशक्त करने की दिशा में पहल कर रहा है. उन्होंने कहा कि विधवा विवाह को सामाजिक स्वीकृति दिलाने के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं.

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