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पलामूः अंधविश्वास में बेटे ने ही करवाई थी पिता की हत्या, 40 हजार में दी थी सुपारी

पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह हत्या पूरी तरह अंधविश्वास से प्रेरित है. पुलिस ने मृतक के बेटे गुड्डू मोची, धनंजय मोची, धनंजय मोची के साले सत्येंद्र कुमार और सत्येंद्र के साले मुनेश्वर कुमार रवि को गिरफ्तार कर लिया है.
 

पुलिस ने किया हत्याकांड का खुलासा, बेटा समेत 4 आरोपी गिरफ्तार


 Medininagar : पलामू जिले के लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के डबरा गांव में हुए बुजुर्ग पच्चू मोची हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पच्चू मोची की हत्या उसके बेटे ने ही अंधविश्वास में आकर करवाई थी. पुलिस ने हत्या में शामिल बेटे गुड्डू मोची समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पच्चू मोची की हत्या धारदार हथियार से गला रेतकर की गई थी. पुलिस ने 26 दिसंबर को डबरा गांव से सटे जंगल से शव बरामद किया था.

 
पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह हत्या पूरी तरह अंधविश्वास से प्रेरित है और इसमें परिवार के करीबी सदस्य शामिल हैं. पुलिस ने मृतक के बेटे गुड्डू मोची, धनंजय मोची, धनंजय मोची के साले सत्येंद्र कुमार और सत्येंद्र के साले मुनेश्वर कुमार रवि को गिरफ्तार कर लिया है. सभी आरोपियों की उम्र 20 वर्ष के आसपास है. हत्या के बाद आरोपियों ने घटना का वीडियो भी बनाया था, जिसे पुलिस ने मोबाइल फोन से बरामद किया है.

 

एसपी ने बताया कि पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि तीन महीने पहले पच्चू मोची के 4500 रुपये गुम हो गए थे. इसके बाद उन्होंने घर के कुल देवता को कबाड़ में फेंक दिया था. इसके कुछ समय बाद उसके गोतिया धनंजय रविदास की मां और भाई की मौत हो गई. वहीं, उसके दोनों बच्चे लगातार बीमार रहने लगे. इस पर अंधविश्वास के चलते पच्चू मोची पर ओझा-गुणी करने का शक किया जाने लगा.

 

इसी शक ने खूनी साजिश का रूप ले लिया. पच्चू मोची के बेटे गुड्डू मोची ने धनंजय मोची के साथ मिलकर पिता की हत्या की योजना बनाई. तय हुआ कि हत्या के बदले 40 हजार रुपये की सुपारी दी जाएगी. गुड्डू मोची ने सात हजार रुपये धनंजय मोची को ऑनलाइन ट्रांसफर भी किया था.


घटना के दिन सुपारी लेने वाले तीनों आरोपी गांव पहुंचे और मौका मिलते ही चाकू से पच्चू मोची की गला रेतकर हत्या कर दी. घटना के बाद परिवार के सदस्य कई दिनों तक चुप्पी साधे रहे. बाद में पुलिस के दबाव में एफआईआर के लिए आवेदन दिया गया. जांच टीम में लेस्लीगंज थाना प्रभारी उत्तम कुमार राय, सब इंस्पेक्टर विक्रमशिला, राजू मांझी और अजय कुमार शामिल थे.


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