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पलामूः पेसा कानून के जरिये सरकार ने आदिवासियों को उनका अधिकार लौटाया- बिमला

पलामू जिला कांग्रेस अध्यक्ष बिमला कुमारी ने कहा कि पेसा कानून को मंजूरी मिलना राज्य के आदिवासियों, दलितों व वंचित वर्गों के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. उन्होंने इसे ग्रामसभा को वास्तविक अधिकार सौंपने और लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में निर्णायक कदम बताया.
 

Medininagar : पलामू जिला कांग्रेस अध्यक्ष बिमला कुमारी ने झारखंड की गठबंधन सरकार को पेसा कानून को मंजूरी देने पर बधाई दी है. उन्होंने कहा कि राज्य के आदिवासियों, दलितों व वंचित वर्गों के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. उन्होंने इसे ग्रामसभा को वास्तविक अधिकार सौंपने और लोकतंत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में निर्णायक कदम बताया.


बिमला कुमारी ने कहा कि पेसा कानून लागू होने से झारखंड की जनजातियों और अनुसूचित जनजातियों को उनके पारंपरिक अधिकार विधिवत रूप से प्राप्त होंगे. जल, जंगल, जमीन पर उनका अधिकार मजबूत होगा. ग्रामसभा की स्वीकृति के बिना किसी भी प्रकार का भूमि अधिग्रहण, खनन या प्राकृतिक संसाधनों का दोहन संभव नहीं होगा. यह कानून आदिवासी समाज को आत्मनिर्भर, स्वशासी और सम्मानजनक जीवन का संवैधानिक संरक्षण प्रदान करता है. यह क्षण इसलिए भी ऐतिहासिक है कि 29 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की दूरदृष्टि साकार हुई है. गांवों को लोकतंत्र की असली इकाई बनाने को गठबंधन सरकार ने व्यवहारिक रूप में लागू कर दिखाया है.


कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की राजनीति का मूल आधार हमेशा सत्ता का विकेंद्रीकरण रहा है. पार्टी का स्पष्ट विश्वास है कि निर्णय लेने की शक्ति राजधानी में नहीं, बल्कि गांवों में होनी चाहिए. गरीबों, आदिवासियों, दलितों और पिछड़े वर्गों को शासन व्यवस्था में सीधी भागीदारी मिले. कांग्रेस की मूल नीति पेसा कानून उसी विचारधारा का सशक्त विस्तार है.


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