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Palamu : गर्भवती टीचर से छुट्टी के एवज में रिश्वत मांगने का मामला, DEO ऑफिस के दो लिपिकों पर गिरी गाज

परिजनों के अनुसार, 25 जुलाई को अवकाश संबंधी कार्य के लिए भारती पांडेय डीईओ कार्यालय पहुंची थीं. इसी दौरान कार्यालय में ही उन्हें अचानक लेबर पेन शुरू हो गया. उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि गर्भ में ही शिशु की मौत हो चुकी है.
 
  • टीचर से छुट्टी के एवज में पैसे मांगने व गर्भ में शिशु का मौत मामला
  • लिपिक अरुण कुमारी गिरी का प्रतिनियोजन रद्द
  • ईश्वरी दयाल राम को निलंबित किया गया

Palamu :  गर्भवती शिक्षिका भारती पांडेय से छुट्टी देने के एवज में पैसे की मांग और गर्भस्थ शिशु की मौत मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. उपायुक्त (डीसी) के निर्देश पर डीईओ कार्यालय के दो लिपिकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है.

 

मामले में लिपिक अरुण कुमारी गिरी का प्रतिनियोजन रद्द कर दिया गया है. जबकि ईश्वरी दयाल राम को निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई शिक्षिका की शिकायत के बाद की गई प्रारंभिक जांच के आधार पर की गई है.

 

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भारती पांडेय ने उपायुक्त को दिए आवेदन में आरोप लगाया था कि चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उन्हें आराम की आवश्यकता थी और उन्होंने अवकाश के लिए आवेदन दिया था. बावजूद इसके अवकाश स्वीकृत नहीं किया गया.

 

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि अवकाश स्वीकृत करने के एवज में 50 हजार की रिश्वत मांगी गई और उन्हें लगातार जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के चक्कर लगाने पड़े.

 

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परिजनों के अनुसार, 25 जुलाई को अवकाश संबंधी कार्य के लिए भारती पांडेय डीईओ कार्यालय पहुंची थीं. इसी दौरान कार्यालय में ही उन्हें अचानक लेबर पेन शुरू हो गया. उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि गर्भ में ही शिशु की मौत हो चुकी है.

 

घटना के बाद भारती पांडेय के पति ने शहर थाना में आवेदन देकर जिला शिक्षा पदाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है. आवेदन में आरोप लगाया गया है कि समय पर अवकाश नहीं मिलने, कथित रिश्वत की मांग और लगातार कार्यालय के चक्कर लगाने के कारण शिक्षिका को मानसिक एवं शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ी, जिसके परिणामस्वरूप गर्भस्थ शिशु की मौत हुई.

 

बता दें कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी. इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराते हुए दो लिपिकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की है.

 

हालांकि, शिकायत में लगाए गए रिश्वत मांगने और अन्य आरोपों की जांच अभी जारी है. प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी अधिकारी या कर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार आगे भी कार्रवाई की जाएगी.

 

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