- ACB में व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट मांगने संबंधी पैनम कोल इंडिया लिमिटेड का आवेदन निष्पादित
Ranchi : पाकुड़ जिले में पैनम कोल कंपनी के अवैध खनन मामले को लेकर दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को झारखंड हाइकोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान पैनम कोल इंडिया लिमिटेड की ओर से आवेदन देकर कोर्ट को बताया गया कि एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB ) ने आज उनका स्टेटमेंट दर्ज करने के लिए बुलाया है. लेकिन वह अस्वस्थ हैं. इस वजह से वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या अपने किसी रिप्रेजेंटेटिव के माध्यम से ACB के समक्ष उपस्थित हो सकते हैं.
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वहीं ACB की ओर से सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल सुमित गाड़ोदिया ने कोर्ट को बताया कि अदालत के आदेश के आलोक में ACB इस मामले की प्रारंभिक जांच (पीई ) कर रही है. अभी तक अनुसंधान में प्रथम दृष्टया अनियमितता के कुछ साक्ष्य मिले हैं, जिसके आधार पर ACB अग्रतर कार्रवाई कर रही है. पैनम कोल इंडिया लिमिटेड का तुरंत बयान लेना जरूरी नहीं है. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने ACB का पक्ष जानने के बाद पैनम कोल इंडिया लिमिटेड की आवेदन को निष्पादित कर दिया. प्रार्थी राम सुभग सिंह की ओर से अधिवक्ता राजीव नंदन प्रसाद ने पक्ष रखा.
बताते चलें कि प्रार्थी अधिवक्ता राम सुभग सिंह ने पैनल कोल माइंस अवैध खनन मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है. उनकी ओर से याचिका में कहा है कि वर्ष 2015 में पैनम कोल माइंस कंपनी को पाकुड़ व दुमका जिले में कोयला खनन का लीज मिला था. लेकिन उस पर यह आरोप है कि उसने लीज से अधिक कोयले का खनन किया है. इससे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है. मामले में जांच भी की गयी है, लेकिन उस जांच रिपोर्ट के आधार पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गयी है.
बता दें कि पाकुड़ जिले में पैनम कोल कंपनी के अवैध खनन से संबंधित मामले की जांच हाइकोर्ट ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB ) को सौंपा है. पैनल कोल माइंस को लेकर डिविजनल कमिश्नर, दुमका की 19 अक्टूबर 2015 के रिपोर्ट के आलोक में राज्य सरकार की कार्रवाई नहीं होने से कोर्ट असंतुष्ट था. डिविजनल कमिश्नर के रिपोर्ट के आधार पर पाकुड़ के तत्कालीन डीसी सुनील कुमार के खिलाफ सिर्फ शो कॉज जारी किया गया था.

