Dhanbad : राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रविवार को आईआईटी (आईएसएम) में आयोजित राष्ट्रीय पर्यावरण कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है. इसमें समाज, शैक्षणिक संस्थानों, वैज्ञानिकों, चिकित्सकों, औद्योगिक संस्थानों और आम नागरिकों की भागीदारी जरूरी है.
उन्होंने कहा कि जल और ऊर्जा की बचत जैसे छोटे प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. जिम्मेदार जीवनशैली को अपनाकर पर्यावरण पर दबाव कम किया जा सकता है. राज्यपाल ने स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण कोएक-दूसरे का पूरक बताया.
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राज्यपाल गंगवार ने योग के महत्व पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक संतुलन और समग्र कल्याण में मदद करता है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में केवल उपचार पर ध्यान देने के बजाय रोगों की रोकथाम, संतुलित पोषण, योग और स्वच्छ पर्यावरण पर भी जोर देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों और स्वास्थ्य संबंधी दृष्टिकोणों को एक मंच पर लाकर समग्र स्वास्थ्य की दिशा में काम किया जा सकता है. इस दृष्टि से आरोग्य भारती की भूमिका महत्वपूर्ण है.
राज्यपाल ने आईआईटी (आईएसएम), धनबाद जैसे तकनीकी संस्थानों से पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान के लिए अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान किया. जल संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा, अपशिष्ट प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों पर काम करने की जरूरत है.
संतोष कुमार गंगवार ने विद्यार्थियों और युवाओं से पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की.
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