NewDelhi : भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण पत्र नहीं है. यह मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज है. विदेश मंत्रालय ने 14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के अवसर पर कल बुधवार को प्रेस कॉंफ्रेंस में यह बात साफ कर दी.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पासपोर्ट सिर्फ अंतरराष्ट्रीय यात्रा की सुविधा देने के लिए जारी किया जाता है. हालांकि यह सिर्फ भारतीय नागरिकों को ही प्रदान जाता है, लेकिन यह नागरिकता स्थापित करने वाला दस्तावेज नहीं है.
याद करें कि इससे पूर्व मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण(SIR) से जुड़ी सुनवाई के क्रम में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आधार कार्ड पहचान का दस्तावेज है. इससे नागरिकता का नहीं.की पहचान नहीं हो सकती.
सरकार ने कहा है कि राष्ट्रीयता बताती है कि आप किस देश से संबंध रखते हैं. नागरिकता का अर्थ यह है कि उस देश में आपको कौन-कौन से कानूनी अधिकार मिले हैं. राष्ट्रीयता आपकी पहचान है. नागरिकता आपके अधिकार और जिम्मेदारियां तय करने वाली है.
प्रेस कॉंफ्रेंस मंत्रालय ने जानकारी दी कि पिछले एक दशक में पासपोर्ट सेवा केंद्र और संबंधित सुविधाओं की संख्या 77 से बढ़कर 545 पर पहुंच गयी है. चिप आधारित ई-पासपोर्ट 2025 में शुरू किया गया है. अब तक 1.47 करोड़ कॉरी जारी की जा चुकी हैं. कहा कि वर्तमान में 27 देश भारतीयों को वीजा-फ्री प्रवेश देते हैं.
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