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पारस HEC हॉस्पिटल में ब्लड कैंसर से पीड़ित मरीज को मिली नई जिंदगी

Ranchi News: गुंजेश ने कहा कि मरीज के उपचार के दौरान कई जटिल परिस्थितियां सामने आईं. कीमोथेरेपी के दौरान उसे गंभीर संक्रमण, खून की कमी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिसके कारण कई बार अस्पताल में भर्ती भी करना पड़ा.
 
पत्रकारों को जानकारी देते डॉ गुंजेश सिंह
  • ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ गुंजेश सिंह ने किया इलाज

Ranchi News: पारस एचईसी हॉस्पिटल, रांची के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग ने ब्लड कैंसर से पीड़ित एक मरीज का सफल इलाज कर उसे नई जिंदगी दी है. मरीज एक्यूट लिंफोब्लास्टिक ल्यूकेमिया के हाई-रिस्क वेरिएंट फिलाडेल्फिया पॉजिटिव (पीएच-पॉजीटिव) ब्लड कैंसर से ग्रसित था और इलाज के लिए मुंबई के टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल से रेफर होकर रांची पहुंचा था.

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मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ गुंजेश कुमार सिंह की अगुवाई में इस मरीज का इलाज प्रारंभ किया गया. डॉ गुंजेश ने कहा कि मरीज के उपचार के दौरान कई जटिल परिस्थितियां सामने आईं. कीमोथेरेपी के दौरान उसे गंभीर संक्रमण, खून की कमी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिसके कारण कई बार अस्पताल में भर्ती भी करना पड़ा. लंबे समय तक चले इलाज और लगातार निगरानी के बाद मरीज की स्थिति में सुधार हुआ.

 

डॉ गुंजेश ने कहा कि वर्तमान में मरीज पूरी तरह कैंसर-मुक्त है. पिछले लगभग एक वर्ष से वह मेंटेनेंस थेरेपी पर है और नियमित फॉलो-अप करवा रहा है. बैंक कर्मचारी होने के नाते वह अब सामान्य रूप से अपने कार्यस्थल जा रहा है और रोजमर्रा की जिंदगी पहले की तरह जी रहा है.

 

उन्होंने कहा कि पारस हॉस्पिटल, रांची में हेड एंड नेक कैंसर, लंग कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर समेत विभिन्न प्रकार के कैंसरों का आधुनिक उपचार उपलब्ध है. ब्लड कैंसर के मरीजों का भी यहां सफलतापूर्वक इलाज किया जा रहा है. पारस एचईसी हॉस्पिटल, रांची में कैंसर मरीजों के लिए सर्जरी, कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी सहित आधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं.

 

फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. नीतेश कुमार ने कहा कि कैंसर अब लाइलाज बीमारी नहीं रह गई है. आधुनिक चिकित्सा तकनीकों, उन्नत दवाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में अधिकांश कैंसर का सफल इलाज संभव है, बशर्ते बीमारी की पहचान समय पर हो जाए.

 

उन्होंने कहा कि लोगों में कैंसर को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि शुरुआती चरण में पता चलने पर इलाज की सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. हॉस्पिटल का प्रयास है कि झारखंड और आसपास के राज्यों के मरीजों को महानगरों जैसी गुणवत्तापूर्ण कैंसर चिकित्सा स्थानीय स्तर पर ही सुलभ और किफायती दरों पर मिल सके. साथ ही आयुष्मान भारत, स्वास्थ्य बीमा और विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से भी मरीजों को उपचार का लाभ प्रदान किया जा रहा है. उन्होंने लोगों से कैंसर के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और समय पर जांच एवं उपचार कराने की अपील की.

 

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