Search

 
 
 

पटना : साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 5 फर्जी कॉल सेंटर से 13 युवतियां व एक युवक अरेस्ट

पटना पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े और संगठित गिरोह का खुलासा किया है. साइबर थाना पुलिस ने सोमवार देर रात दानापुर क्षेत्र में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी कर 13 युवतियों और एक युवक को हिरासत में लिया.
 

Lagatar Desk :  पटना पुलिस ने साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े और संगठित गिरोह का खुलासा किया है. साइबर थाना पुलिस ने सोमवार देर रात दानापुर क्षेत्र में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी कर 13 युवतियों और एक युवक को हिरासत में लिया.  पुलिस ने इनके पास से ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे दर्जनों लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं. 

 

तीन ठिकानों से 13 अरेस्ट, दो से आरोपी भागने में सफल

बताया जाता है कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि किराये के मकान में ऑफिस खोलकर साइबर ठगी को अंजाम दिया जा रहा है. इसके बाद एक पुलिस की टीम का गठन किया गया. गठित टीम ने दानापुर में एक साथ पांच ठिकानों पर छापेमारी की.

 

इस दौरान रुकनपुरा के वेदनगर से छह, राम जयपाल नगर से पांच, और सगुना मोड़ के पास एक मकान से दो युवतियों को हिरासत में लिया गया. हालांकि रूपसपुर थाना क्षेत्र के मनोकामना मंदिर के पास से और गोला रोड से आरोपी भागने में सफल रहे. 

 

सरकारी योजनाओं झांसा देकर करते थे ठगी

युवतियों की निशानदेही पर पुलिस ने वेदनगर से धर्मेंद्र कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया है पुलिस के अनुसार, धर्मेंद्र कुमार वेदनगर स्थित फर्जी दफ्तर का संचालन कर रहा था. उसने करीब दो महीने पहले दो कमरों का फ्लैट किराये पर लिया था, जहां छह युवतियों को ठगी के काम में लगाया गया था. ये युवतियां सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक लोगों को फोन कर सरकारी योजनाओं का हवाला देकर ठगी को अंजाम देती थीं. बदले में उन्हें तय मासिक वेतन दिया जाता था.

 

गिरोह का मुख्य सरगना फरार

पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि गिरोह राजधानी के अलग-अलग इलाकों में किराये के मकानों को ऑफिस बनाकर साइबर ठगी का धंधा चला रहा था. जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि गिरोह का मुख्य सरगना आकाश कुमार है, जो फिलहाल फरार है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है.

 

हिरासत में ली गई युवतियों से भी गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि ठगी की कुल रकम, नेटवर्क के फैलाव और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी मिल सके. फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों की पृष्ठभूमि की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और इसके तार अन्य जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं. मामले की जांच जारी है.

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही