Patna : बिहार झारखंड युवा दार्शनिक समूह व स्नातकोत्तर दर्शनशास्त्र विभाग, पटना विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में दरभंगा हाउस में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया.इस कार्यक्रम का आयोजन बिहार के दो महत्वपूर्ण दार्शनिकों - डॉ. पंकज कुमार और डॉ. मनीष कुमार चौधरी- की स्मृति में किया गया.कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों विद्वानों के शैक्षणिक योगदान को याद करना था.
सभा में उपस्थित शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धासुमन अर्पित किए. इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि डॉ. पंकज कुमार और डॉ. मनीष कुमार चौधरी ने अपने ज्ञान, गहन शोध और शिक्षण कार्यों के माध्यम से बिहार की दार्शनिक परंपरा को नई दिशा प्रदान की.
प्रोफेसर अमिता जायसवाल ने उनके योगदान को बहुमूल्य बताया.डॉ आशीष और डॉ मुकेश चौरसिया, डॉक्टर पंकज के बारे में बताते हुए कहा कि उनके नोट्स से पढ़ने के बाद कई बच्चे आज उन्नति कर रहे हैं. डॉक्टर डुमरेंद्र और विकास ने बताया कि मनीष चौधरी का अभी नया किताब भी आ रहा है, अकस्मात उनका देहांत हुआ लेकिन उन्होंने कम उम्र में ही दर्शन को जिया, मनीष के विचार को हम लोग जिंदा रखेंगे.
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अमिता जायसवाल, ह्यूमैनिटीज के डीन डॉक्टर राजेश कुमार, डॉ. किरण कुमारी, डॉ. विजेता सिंह, डॉ. कीर्ति चौधरी, डॉ. सुचिता, डॉ. मुकेश चौरसिया, जमशेदपुर कोऑपरेटिव कॉलेज से डॉ. डुमरेन्द्र राजन, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय से डॉ. आशीष, छपरा विश्वविद्यालय से डॉ. मनोज सहित अनेक विद्वान उपस्थित रहे.
इसके अलावा शोधार्थी विकास, सोनम, अनुजा, आकांक्षा, प्रिंस, सूर्यभान, ललित तथा आरा से छात्र आंचल एवं ऋषिकेश ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की.अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई.

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