NewDelhi : कांग्रेस नेता पवन खेड़ा आज शुक्रवार को सोनम वांगचुक से मिलने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे. सोनम वांगचुक यहां पिछले 20 दिनों पर भूख हड़ताल पर हैं. श्री वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं.
सोनम वांगचुक से मिलने के बाद पवन खेड़ा ने कहा, हम सभी सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंतित हैं.आरोप लगाया कि सत्ता में बैठी सरकार(मोदी)असंवेदनशील है, वह लोकतांत्रिक विरोध की भाषा नहीं समझती. पवन खेड़ा ने कहा कि ऐसी सरकार के सामने विरोध का तरीका बदलते रहना चाहिए.
खेड़ा ने कहा, हमें उनकी(सोनम वांगचुक) और उनके साथ बैठे छात्रों की सेहत की चिंता है.उन्होंने कहा कि अपनी जान जोखिम में डालकर आप इस सरकार से कुछ भी हासिल नहीं कर पायेंगे. पवन खेड़ा के जंतर-मंतर पहुंचने से पूर्व कांग्रेस ने कहा कि हम भी चाहते हैं, धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें. कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि मोदी सरकार जवाबदेही से बचती रही है. इस वजह से परीक्षा का पूरा सिस्टम बैठ गया है.
बता दें कि कांग्रेस से पूर्व आम आदमी पार्टी, सपा. शिवसेना के नेता जंतर-मंतर पहुंच कर वांगचुक का समर्थन कर चुके हैं. आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल कल खुद जंतर-मंतर पहुंचे थे. उन्होंने यह कह कर चौंकाया था कि वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए. सपा सांसद डिंपल यादव और रुचि वीरा भी जंतर-मंतर पहुंच कर समर्थन जता चुकी है.
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार ने देश में विरोध प्रदर्शन का अधिकार खत्म करने का फैसला कर लिया है. उन्होंने लिखा कि पारदर्शिता केवल नीट परीक्षा में ही नहीं, बल्कि सभी परीक्षाओं में होनी चाहिए. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से इस मुद्दे पर ध्यान देने का आग्रह किया.
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